Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 May 2018 · 1 min read

–हुनर सबको मिला है–रूपमाला छंद

रूपमाला छंद की परिभाषा और कविता–
रूपमाला छंद–
——————-इसमें चार चरण होते हैं।प्रत्येक चरण में चौबीस-चौबीस मात्राएँ होती हैं।प्रत्येक चरण की यति चौदह-दस पर होती है और चरणांत में गुरू लघु होना अनिवार्य है।
इसे मदन छंद भी कहते हैं।यह एक सममात्रिक छंद है।
मापनी-2122-2122-2122-21

रूपमाला छंद की कविता-
——————————–
आज में जीना फ़िकर तू,कर न कल की यार।
जो मिले ख़ुश हो रहो,तुम रहो बिन तकरार।
ग़म ख़ुशी चलते रहेंगे,सब डगर में साथ।
ज़िंदगी हरपल हँसेगी,सम रहे जब साथ।

तीर पर होकर खड़े तुम,कर न पाओ पार।
लख सरोवर का घना है,दूर तक विस्तार।
तुम चलो राहें चलेंगी,हो सवेरा यार।
जब मिलें मंज़िल हसीं वो,खो चलेगी हार।

रात-दिन सपने हँसेंगे,एक दिन हम ठान।
तब बने जग में हमारी,शान भी पहचान।
चाह हो सागर बने पथ,राम गाथा नाज़।
मेहनत से तो बने है,सुर सजी आवाज़।

चोंच तिनका नीड़ बनता,सीख दे उन्माद।
कूक कोयल की भरे ज्यों,उर घनी-सी दाद।
देख फूलों को बढ़े वय,देख कम हो ख़ार।
कामयाबी ख़ुश करे जब,तेज़ हो रफ़तार।

कोशिशें करते रहो तुम,जोड़ आशा-तार।
एकदिन लखना मिलेगा,मन सुखद आधार।
बीज बोया दे हमें ज्यों,पेड़ बन फल छाँव।
कर्म-फल नाता वही है,सोच रख उर ठाँव।

सुन हुनर सबको मिला है,एक हीरा मान।
चाँद-सा चमके अगर ले,तू इसे पहचान।
तू चला रास्ता सही गर,नाम चमके यार।
याद तेरी यूँ करें ज्यों,चाँद का दीदार।

राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम”
————————————

Language: Hindi
2006 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from आर.एस. 'प्रीतम'
View all
You may also like:
धैर्य के साथ अगर मन में संतोष का भाव हो तो भीड़ में भी आपके
धैर्य के साथ अगर मन में संतोष का भाव हो तो भीड़ में भी आपके
Paras Nath Jha
*अग्निवीर*
*अग्निवीर*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हे कलम तुम कवि के मन का विचार लिखो।
हे कलम तुम कवि के मन का विचार लिखो।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
क्या ये गलत है ?
क्या ये गलत है ?
Rakesh Bahanwal
हम जिएँ न जिएँ दोस्त
हम जिएँ न जिएँ दोस्त
Vivek Mishra
क्या मिटायेंगे भला हमको वो मिटाने वाले .
क्या मिटायेंगे भला हमको वो मिटाने वाले .
Shyamsingh Lodhi Rajput (Tejpuriya)
स्त्री
स्त्री
Shweta Soni
"शहीद साथी"
Lohit Tamta
गलत चुनाव से
गलत चुनाव से
Dr Manju Saini
एक टहनी एक दिन पतवार बनती है,
एक टहनी एक दिन पतवार बनती है,
Slok maurya "umang"
रिश्ता
रिश्ता
Dr fauzia Naseem shad
इश्क इवादत
इश्क इवादत
Dr.Pratibha Prakash
*द लीला पैलेस, जयपुर में तीन दिन दो रात्रि प्रवास : 26, 27, 28 अगस्त 202
*द लीला पैलेस, जयपुर में तीन दिन दो रात्रि प्रवास : 26, 27, 28 अगस्त 202
Ravi Prakash
आज ही का वो दिन था....
आज ही का वो दिन था....
Srishty Bansal
सरकार बिक गई
सरकार बिक गई
साहित्य गौरव
दोषी कौन?
दोषी कौन?
Indu Singh
2393.पूर्णिका
2393.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
मेरी जिंदगी में मेरा किरदार बस इतना ही था कि कुछ अच्छा कर सकूँ
मेरी जिंदगी में मेरा किरदार बस इतना ही था कि कुछ अच्छा कर सकूँ
Jitendra kumar
बिना शर्त खुशी
बिना शर्त खुशी
Rohit yadav
कटघरे में कौन?
कटघरे में कौन?
Dr. Kishan tandon kranti
शिक्षक ही तो देश का भाग्य निर्माता है
शिक्षक ही तो देश का भाग्य निर्माता है
gurudeenverma198
मन-गगन!
मन-गगन!
Priya princess panwar
एक नासूर हो ही रहा दूसरा ज़ख्म फिर खा लिया।
एक नासूर हो ही रहा दूसरा ज़ख्म फिर खा लिया।
ओसमणी साहू 'ओश'
चलो माना तुम्हें कष्ट है, वो मस्त है ।
चलो माना तुम्हें कष्ट है, वो मस्त है ।
Dr. Man Mohan Krishna
दिलवालों के प्यार का, मौसम है बरसात ।
दिलवालों के प्यार का, मौसम है बरसात ।
sushil sarna
गीत
गीत
Shiva Awasthi
*
*"मजदूर"*
Shashi kala vyas
ज़रूर है तैयारी ज़रूरी, मगर हौसले का होना भी ज़रूरी
ज़रूर है तैयारी ज़रूरी, मगर हौसले का होना भी ज़रूरी
पूर्वार्थ
*गैरों सी! रह गई है यादें*
*गैरों सी! रह गई है यादें*
Harminder Kaur
5
5"गांव की बुढ़िया मां"
राकेश चौरसिया
Loading...