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18 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-152💐

हर राह पर सजाए हैं, उनके निसाँ,
हर राह पर उनसे बातें की,दिल लगाया।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
56 Views
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