Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-435💐

हम तो फ़क़ीर हैं,हम क्यों दें किसी को अब कोई प्रेम? हमें दो तुम फ़क़ीरी में।इस दुनिया में सब फ़क़ीर है।मुझसे लिख के ले लो।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
42 Views
You may also like:
बुद्ध को है नमन
बुद्ध को है नमन
Buddha Prakash
भाग्य प्रबल हो जायेगा
भाग्य प्रबल हो जायेगा
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
राह
राह
Dr. Rajiv
छोटी-छोटी बातों से, ऐ दिल परेशाँ न हुआ कर,
छोटी-छोटी बातों से, ऐ दिल परेशाँ न हुआ कर,
_सुलेखा.
बोलने से सब होता है
बोलने से सब होता है
Satish Srijan
साहित्य - संसार
साहित्य - संसार
Shivkumar Bilagrami
मित्र बनाने से पहले आप भली भाँति जाँच और परख लें ! आपके विचा
मित्र बनाने से पहले आप भली भाँति जाँच और परख लें ! आपके विचा
DrLakshman Jha Parimal
"तवा और औरत"
Dr. Kishan tandon kranti
💐प्रेम कौतुक-257💐
💐प्रेम कौतुक-257💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
वो पहली पहली मेरी रात थी
वो पहली पहली मेरी रात थी
Ram Krishan Rastogi
सीमा पर जाकर हम हत्यारों को भी भूल गए
सीमा पर जाकर हम हत्यारों को भी भूल गए
कवि दीपक बवेजा
कोई पूछे की ग़म है क्या?
कोई पूछे की ग़म है क्या?
Ranjana Verma
सन २०२३ की मंगल कामनाएं
सन २०२३ की मंगल कामनाएं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कवि की कल्पना
कवि की कल्पना
Rekha Drolia
चाय बस चाय हैं कोई शराब थोड़ी है।
चाय बस चाय हैं कोई शराब थोड़ी है।
Vishal babu (vishu)
Mahadav, mera WhatsApp number save kar lijiye,
Mahadav, mera WhatsApp number save kar lijiye,
Ankita Patel
*पहचानो अपना हुनर, अपनी प्रतिभा खास (कुंडलिया)*
*पहचानो अपना हुनर, अपनी प्रतिभा खास (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
दिल पे पत्थर
दिल पे पत्थर
shabina. Naaz
तेरी तंकीद अच्छी लगती है
तेरी तंकीद अच्छी लगती है
Dr fauzia Naseem shad
ਸੀਨੇ ਨਾਲ ਲਾਇਆ ਨਹੀਂ ਕਦੇ
ਸੀਨੇ ਨਾਲ ਲਾਇਆ ਨਹੀਂ ਕਦੇ
Surinder blackpen
खून दोगे तुम अगर तो मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा
खून दोगे तुम अगर तो मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा
Dr Archana Gupta
"चार दिन की चांदनी है दोस्तों।
*Author प्रणय प्रभात*
तुझमें वह कशिश है
तुझमें वह कशिश है
gurudeenverma198
जय श्री कृष्ण
जय श्री कृष्ण
Bodhisatva kastooriya
औरों की उम्मीदों में
औरों की उम्मीदों में
DEVSHREE PAREEK 'ARPITA'
Apne man ki bhawnao ko , shabdo ke madhyam se , kalpanikta k
Apne man ki bhawnao ko , shabdo ke madhyam se , kalpanikta k
Sakshi Tripathi
बुलंदियों पर पहुंचाएगा इकदिन मेरा हुनर मुझे,
बुलंदियों पर पहुंचाएगा इकदिन मेरा हुनर मुझे,
प्रदीप कुमार गुप्ता
चंद अशआर - हिज्र
चंद अशआर - हिज्र
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
मन को एकाग्र करने वाले मंत्र जप से ही काम सफल होता है,शांत च
मन को एकाग्र करने वाले मंत्र जप से ही काम सफल होता है,शांत च
Shashi kala vyas
वापस लौट नहीं आना...
वापस लौट नहीं आना...
डॉ.सीमा अग्रवाल
Loading...