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18 Apr 2024 · 1 min read

” सूरज “

” सूरज ”
नील गगन में बनके सूरज
मैं चमकूँ बारहों मास रे,
तिमिर भगाऊँ जग से सारे
हो सुख-शान्ति का वास रे।

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