Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 May 2024 · 1 min read

साक्षात्कार स्वयं का

#दिनांक:-5/5/2024
#शीर्षक:-साक्षात्कार स्वयं का।

आज अकेले मैं स्वयं से मिली,
भगवान कसम बहुत खुश थी।
अपूर्ण प्रेम रस भरकर भी पूर्ण थी,
आनन पर रौनक झलक रहा था।
जाम पर जाम पी,
सुधबुध में खोई थी।
बहुत आश्चर्य से मैं देखती रही कुछ देर,
आज दिखती शेरनी जो थी कभी ढेर।
रह-रहकर कर झूम रही थी,
बिना धुन के गुनगुना रही थी।
फिल्म खुद की,हिरोइन भी आप थी,
कहानी की जान वो खुद की बाप थी।
अनुभव पूछा— बोली बस रहो मौन,
हंसता चेहरा व्यवहार हो अति सौम्य।
अकेले में सब चाह पूरी कर लो,
सारी उम्मीद पानी में बहा,
खुद को खुद की पथप्रदर्शक चुन लो ।
समस्याओं का अंत हो जाएगा,
यही दुनिया फिर तुम्हें बहुत लुभायेगा।
साक्षात्कार स्वयं का,
पुऩः पथप्रदर्शक बन गया।

(स्वरचित)
प्रतिभा पाण्डेय “प्रति”
चेन्नई

Language: Hindi
1 Like · 48 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
अफ़सोस न करो
अफ़सोस न करो
Dr fauzia Naseem shad
*जीवन के संघर्षों में कुछ, पाया है कुछ खोया है (हिंदी गजल)*
*जीवन के संघर्षों में कुछ, पाया है कुछ खोया है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
कई बात अभी बाकी है
कई बात अभी बाकी है
Aman Sinha
पिता के बिना सन्तान की, होती नहीं पहचान है
पिता के बिना सन्तान की, होती नहीं पहचान है
gurudeenverma198
फकीर
फकीर
Dr. Kishan tandon kranti
नादान प्रेम
नादान प्रेम
अनिल "आदर्श"
अच्छाई बनाम बुराई :- [ अच्छाई का फल ]
अच्छाई बनाम बुराई :- [ अच्छाई का फल ]
Surya Barman
दिल का हर रोम रोम धड़कता है,
दिल का हर रोम रोम धड़कता है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मैंने खुद की सोच में
मैंने खुद की सोच में
Vaishaligoel
प्रेम छिपाये ना छिपे
प्रेम छिपाये ना छिपे
शेखर सिंह
दुआएं
दुआएं
Santosh Shrivastava
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
अकथ कथा
अकथ कथा
Neelam Sharma
गुज़िश्ता साल -नज़्म
गुज़िश्ता साल -नज़्म
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
राज़ की बात
राज़ की बात
Shaily
पारख पूर्ण प्रणेता
पारख पूर्ण प्रणेता
प्रेमदास वसु सुरेखा
सोन चिरैया
सोन चिरैया
Mukta Rashmi
लगाव का चिराग बुझता नहीं
लगाव का चिराग बुझता नहीं
Seema gupta,Alwar
क्रोध
क्रोध
Mangilal 713
शिव स्तुति महत्व
शिव स्तुति महत्व
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
क्या अजब दौर है आजकल चल रहा
क्या अजब दौर है आजकल चल रहा
Johnny Ahmed 'क़ैस'
गीत
गीत
गुमनाम 'बाबा'
देशभक्ति जनसेवा
देशभक्ति जनसेवा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
सूर्य तम दलकर रहेगा...
सूर्य तम दलकर रहेगा...
डॉ.सीमा अग्रवाल
कड़वा सच
कड़वा सच
Sanjeev Kumar mishra
"मुग़ालतों के मुकुट"
*प्रणय प्रभात*
दशमेश गुरु गोविंद सिंह जी
दशमेश गुरु गोविंद सिंह जी
Harminder Kaur
దీపావళి కాంతులు..
దీపావళి కాంతులు..
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
2846.*पूर्णिका*
2846.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हँसी!
हँसी!
कविता झा ‘गीत’
Loading...