Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jun 2016 · 2 min read

साईकिल

आज रामू की बिटिया का जन्मदिन था और फटेहाल रामू एक नयी चमचमाती हुई साइकिल लेकर घर आया था जिसे देखते ही उसकी १२ वर्षीया बेटी रेनू उससे लिपट गयी और साइकिल से खेलने लगी | आवाज सुनकर रामू की पत्नी नंदा भी बाहर आ गयी, देखा घर में एक नयी छोटी साइकिल आई थी लेकिन रामू की साइकिल कहीं दिखाई नहीं दे रही थी |

नंदा ने पूछा ,”सुनो जी, तुम्हारी साइकिल कहीं दिखाई नहीं दे रही और तुम्हारे कपडे फटे हुए कैसे हैं ?”

नंदा का सवाल सुनते ही रामू की आँखों में सुबह का दृश्य घूम गया, जब वो जंगल से होकर काम पर जा रहा था और कुछ बदमाशों ने उससे मारपीट करके सारे पैसे छीन लिए थे जो उसने अपनी बेटी की साइकिल के लिए पूरे एक साल तक मेहनत करके बचाए थे जिसके लिए उसकी बेटी कई दिनों से जिद कर रही थी क्योकि उसको २ किमी दूर स्कूल में पढने पैदल ही जाना पड़ता था | और कैसे वो आज अपनी साइकिल बेचकर और कुछ पैसे उधार करके साइकिल खरीद ही लाया था |

रामू को सोच में डूबा देख नंदा ने अपना सवाल दोहराया तो रामू ने कहा, “रास्ते में भी कितने गड्ढे हो गए हैं चलना भी मुश्किल हो गया है, सुबह साइकिल से गिर गया था तो साइकिल में टूट फूट हो गयी थी, मिस्त्री को दे आया हूँ बोल रहा था सामान नहीं है हफ्ते भर बाद ही ठीक हो पाएगी |” और साइकिल पाकर खुश होती बेटी के सर पर हाथ फेरकर लाड करने लगा और खारे पानी की आँखों से बाहर आती हुई बूंदों को अपने अन्दर ही छुपा गया |

“सन्दीप कुमार”
मौलिक और अप्रकाशित

ब्लॉग : https://sandeip01.blogspot.in

Language: Hindi
508 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
भले ई फूल बा करिया
भले ई फूल बा करिया
आकाश महेशपुरी
राम-राज्य
राम-राज्य
Shekhar Chandra Mitra
कभी फुरसत मिले तो पिण्डवाड़ा तुम आवो
कभी फुरसत मिले तो पिण्डवाड़ा तुम आवो
gurudeenverma198
एक ही राम
एक ही राम
Satish Srijan
अपने वजूद की
अपने वजूद की
Dr fauzia Naseem shad
" मुशाफिर हूँ "
Pushpraj Anant
दोस्त को रोज रोज
दोस्त को रोज रोज "तुम" कहकर पुकारना
ruby kumari
अनमोल
अनमोल
Neeraj Agarwal
दोगलापन
दोगलापन
Mamta Singh Devaa
हिंसा रोकना स्टेट पुलिस
हिंसा रोकना स्टेट पुलिस
*Author प्रणय प्रभात*
बेटियाँ
बेटियाँ
विजय कुमार अग्रवाल
जब प्रेम की परिणति में
जब प्रेम की परिणति में
Shweta Soni
💐प्रेम कौतुक-186💐
💐प्रेम कौतुक-186💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
खरगोश
खरगोश
SHAMA PARVEEN
*कागभुशुंडी जी नीले पर्वत पर कथा सुनाते (गीत)*
*कागभुशुंडी जी नीले पर्वत पर कथा सुनाते (गीत)*
Ravi Prakash
मेरे वतन मेरे वतन
मेरे वतन मेरे वतन
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
शाश्वत, सत्य, सनातन राम
शाश्वत, सत्य, सनातन राम
श्रीकृष्ण शुक्ल
'महंगाई की मार'
'महंगाई की मार'
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
" ज़ख़्मीं पंख‌ "
Chunnu Lal Gupta
मुस्कानों की बागानों में
मुस्कानों की बागानों में
sushil sarna
बादल
बादल
Shutisha Rajput
*
*"माँ"*
Shashi kala vyas
एक सही आदमी ही अपनी
एक सही आदमी ही अपनी
Ranjeet kumar patre
जल सिंधु नहीं तुम शब्द सिंधु हो।
जल सिंधु नहीं तुम शब्द सिंधु हो।
कार्तिक नितिन शर्मा
चंदा का अर्थशास्त्र
चंदा का अर्थशास्त्र
Dr. Pradeep Kumar Sharma
समीक्षा- रास्ता बनकर रहा (ग़ज़ल संग्रह)
समीक्षा- रास्ता बनकर रहा (ग़ज़ल संग्रह)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
प्रभु शुभ कीजिए परिवेश
प्रभु शुभ कीजिए परिवेश
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
पहाड़ी नदी सी
पहाड़ी नदी सी
Dr.Priya Soni Khare
हर पल ये जिंदगी भी कोई खास नहीं होती ।
हर पल ये जिंदगी भी कोई खास नहीं होती ।
Phool gufran
Loading...