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12 Feb 2024 · 1 min read

*समृद्ध भारत बनायें*

आओ इस शिक्षक दिवस कुछ नया कर जायें,
कुछ नया सोचे, कुछ नयी नीति अपनायें|
डॉ. राधा कृष्णन के जन्मदिवस को यूँ ही
हल्के में सिर्फ़ नाच-गाकर ही न बितायें| आओ इस शिक्षक दिवस..

अफ़सर-शाही, सरकारी बाबू सब इसने दिये
पर क्या सही दिशा-निर्माण हम कर पाये?
अंग्रेज़ों ने तो स्वार्थ-सिद्ध किये थे अपने
पर क्या अपनों ने अपने सही कर्म निभाये? आओ इस शिक्षक दिवस..

पाणिनि ने कभी दिया था व्याकरण,
चरक की विधा चरक-संहिता कहलाये|
चाणक्य बने थे कूटनीति के ज्ञाता
शिक्षा अब तलक क्यों “जी-हुज़ूरी” सिखाये? आओ इस शिक्षक दिवस..

कभी सशक्त रही थी अपनी शिक्षा-प्रणाली
बना क्या कारण- क्यों शिक्षा पिछड़ी जाये?
शिक्षक-दिवस पर क्यों न फिर से सोचें
गुरु-शिष्य परम्परा अपना, फिर क्रांति लायें |आओ इस शिक्षक दिवस..

आओ शपथ ले आज हम सब मिल कर-
बस पाठ्यक्रम की पूर्ति न एक ध्येय बनायें |
तर्क-वितर्क जो कभी आधार था शिक्षा तंत्र का
उसे फिर से अपना कर, आत्मविश्वास जगायें | आओ इस शिक्षक दिवस..

एक ही ढर्रे पर चला-चला के दिमाग़ को
क्यों हम अपनी सृजन-क्षमता घटायें?
उन्मुक्त सोच और बढ़ा निर्णय-क्षमता को
आओ! फिर से एक समृद्ध भारत बनायें | आओ इस शिक्षक दिवस कुछ नया कर जायें

6 Likes · 2 Comments · 1007 Views
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