Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Mar 2024 · 1 min read

समझ ना आया

***समझ ना आया***
इस दुनियाँ में , कौन है अपना, कौन पराया
बीती उमरिया लेकिन यह सत् समझ ना आया
इस दुनियां———————— ।
कहती है – दुनियां इश्क खुदा है, इश्क है पूजा
लेकिन मुझको इश्क ने लूटा ,इश्क ने जीवन जहर बनाया
इस दुनियाँ———————– ।।
धोखा है यह सारी दुनियां
इससे तो अच्छा है अपना साया
जो सुख दुख में साथ है रहता
चाहे किसी वो ना काम हो आया
इस दुनियां——————–।।।
दिल कहता है मेरी भी सुन लो
वक्त पड़े तो अजमा लेना
कोई नही है यहां किसी का
बस राम ने ही सबका है साथ निभाया ।।
*** दिनेश कुमार गंगवार ***

5 Likes · 1 Comment · 37 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बदली - बदली हवा और ये जहाँ बदला
बदली - बदली हवा और ये जहाँ बदला
सिद्धार्थ गोरखपुरी
"कर्म और भाग्य"
Dr. Kishan tandon kranti
Drapetomania
Drapetomania
Vedha Singh
वो बदल रहे हैं।
वो बदल रहे हैं।
Taj Mohammad
निरंतर खूब चलना है
निरंतर खूब चलना है
surenderpal vaidya
मन का आंगन
मन का आंगन
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
■ बस एक ही सवाल...
■ बस एक ही सवाल...
*Author प्रणय प्रभात*
डाल-डाल पर फल निकलेगा
डाल-डाल पर फल निकलेगा
Anil Mishra Prahari
धड़कनें जो मेरी थम भी जाये तो,
धड़कनें जो मेरी थम भी जाये तो,
हिमांशु Kulshrestha
अंधविश्वास
अंधविश्वास
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
देख रही हूँ जी भर कर अंधेरे को
देख रही हूँ जी भर कर अंधेरे को
ruby kumari
ईमानदारी
ईमानदारी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
3409⚘ *पूर्णिका* ⚘
3409⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
*कभी होती अमावस्या ,कभी पूनम कहाती है 【मुक्तक】*
*कभी होती अमावस्या ,कभी पूनम कहाती है 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
जब ज़रूरत के
जब ज़रूरत के
Dr fauzia Naseem shad
ट्रेन दुर्घटना
ट्रेन दुर्घटना
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
बरस  पाँच  सौ  तक रखी,
बरस पाँच सौ तक रखी,
Neelam Sharma
अजनवी
अजनवी
Satish Srijan
कर्म -पथ से ना डिगे वह आर्य है।
कर्म -पथ से ना डिगे वह आर्य है।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
फेसबुक
फेसबुक
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
हिन्दी
हिन्दी
लक्ष्मी सिंह
एक ऐसा दृश्य जो दिल को दर्द से भर दे और आंखों को आंसुओं से।
एक ऐसा दृश्य जो दिल को दर्द से भर दे और आंखों को आंसुओं से।
Rekha khichi
" चुस्की चाय की संग बारिश की फुहार
Dr Meenu Poonia
हवाओ में हुं महसूस करो
हवाओ में हुं महसूस करो
Rituraj shivem verma
🙏 *गुरु चरणों की धूल*🙏
🙏 *गुरु चरणों की धूल*🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
कोरोना - इफेक्ट
कोरोना - इफेक्ट
Kanchan Khanna
4) धन्य है सफर
4) धन्य है सफर
पूनम झा 'प्रथमा'
मैं भारत का जवान हूं...
मैं भारत का जवान हूं...
AMRESH KUMAR VERMA
बढ़े चलो ऐ नौजवान
बढ़े चलो ऐ नौजवान
नेताम आर सी
धर्म की खूंटी
धर्म की खूंटी
मनोज कर्ण
Loading...