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20 Oct 2023 · 1 min read

*समझौता*

हमने तो हर कदम पर
बस समझौता किया है
कभी हालत से और
कभी हालत बनाने वालों से

हमने तो ज़िंदगी से भी
कई बार समझौता किया है
कभी ज़िंदगी के पड़ावों से
और कभी ज़िंदगी में मिले सदमों से

जिसे अपनी ज़िंदगी में देखना चाहता हूं मैं
मैंने हर उस शक्स से समझौता किया है
कभी उसे मनाने के लिये और
कभी रोकने के लिए उसे रूठने से

समझौता करना बुरी बात नहीं
हमने तो हर कदम पर किया है
कभी दिल को समझाने के लिए और
कभी दिल को बचाने के लिए टूटने से

समझौता बच्चों की ख़ातिर भी करना पड़ता है
हमने भी कई बार किया है
कभी बच्चों को सही राह दिखाने के लिए और
कभी उन्हें बचाने के लिए बुरी राह से

समझौता वक्त से करना पड़ता है
हमने भी माना हर फ़ैसला जो वक्त ने किया है
कभी अपनी ज़रूरत के लिए
कभी अपनी चाह से।

8 Likes · 4 Comments · 3812 Views
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