Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Apr 2020 · 1 min read

सन्नाटा

‘सन्नाटे’
का जीवंत दर्शन
सदियों बाद
या शायद पहली बार
मानव ने किया है-
साक्षात्.
‘सन्नाटे’
को निकट से देखकर
समझ में आ गया है
‘सन्नाटे’ का एकांत.
सायं-सायं करती,
फड़फड़ाती
सन्नाटे की लम्बी चादर
कैसे
धमकाती है
डराती है.
हवा की सरसराहट
भय पैदा करती है
और चहचहाती चिड़ियाँ
सन्नाटे का
परिचय दे
डर का एक नया रूप गढ़ती है.
—–
सन्नाटे के साक्षात् से
पता लगा
सन्नाटे का दर्द
अन्यथा,
भाग-दौड़ की अपरिमित,
व्यस्त
और सजी शामें
सन्नाटे के दर्द को
कहाँ समझने देतीं
सन्नाटे ने
एक अवसर दिया है
‘मंथन’ का
देश-काल को समझने
और
जीवन के
अबूझ दर्शन को
समझने
एक सुनहरे कल
को गढ़ने का.

(2 अप्रैल 2020)

Language: Hindi
2 Comments · 448 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
View all
You may also like:
गले लगाना है तो उस गरीब को गले लगाओ साहिब
गले लगाना है तो उस गरीब को गले लगाओ साहिब
कृष्णकांत गुर्जर
अंधेरों में मुझे धकेलकर छीन ली रौशनी मेरी,
अंधेरों में मुझे धकेलकर छीन ली रौशनी मेरी,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
मचले छूने को आकाश
मचले छूने को आकाश
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
राखी की सौगंध
राखी की सौगंध
Dr. Pradeep Kumar Sharma
वर्तमान समय में संस्कार और सभ्यता मर चुकी है
वर्तमान समय में संस्कार और सभ्यता मर चुकी है
प्रेमदास वसु सुरेखा
हंसें और हंसाएँ
हंसें और हंसाएँ
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
Thought
Thought
Jyoti Khari
नज़राना
नज़राना
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
शून्य से अनन्त
शून्य से अनन्त
The_dk_poetry
श्री कृष्ण अवतार
श्री कृष्ण अवतार
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
फुटपाथ
फुटपाथ
Prakash Chandra
मानवता और जातिगत भेद
मानवता और जातिगत भेद
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
प्यार है रब की इनायत या इबादत क्या है।
प्यार है रब की इनायत या इबादत क्या है।
सत्य कुमार प्रेमी
सत्ता की हवस वाले राजनीतिक दलों को हराकर मुद्दों पर समाज को जिताना होगा
सत्ता की हवस वाले राजनीतिक दलों को हराकर मुद्दों पर समाज को जिताना होगा
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
*संगीत के क्षेत्र में रामपुर की भूमिका : नेमत खान सदारंग से
*संगीत के क्षेत्र में रामपुर की भूमिका : नेमत खान सदारंग से
Ravi Prakash
स्त्री श्रृंगार
स्त्री श्रृंगार
विजय कुमार अग्रवाल
प्रेम निभाना
प्रेम निभाना
लक्ष्मी सिंह
ठीक है अब मैं भी
ठीक है अब मैं भी
gurudeenverma198
काम दो इन्हें
काम दो इन्हें
Shekhar Chandra Mitra
इस धरातल के ताप का नियंत्रण शैवाल,पेड़ पौधे और समन्दर करते ह
इस धरातल के ताप का नियंत्रण शैवाल,पेड़ पौधे और समन्दर करते ह
Rj Anand Prajapati
रमेशराज के कुण्डलिया छंद
रमेशराज के कुण्डलिया छंद
कवि रमेशराज
"मायने"
Dr. Kishan tandon kranti
■ आज का शेर
■ आज का शेर
*Author प्रणय प्रभात*
यादें
यादें
Versha Varshney
अमृत मयी गंगा जलधारा
अमृत मयी गंगा जलधारा
Ritu Asooja
बात ! कुछ ऐसी हुई
बात ! कुछ ऐसी हुई
अशोक शर्मा 'कटेठिया'
Writing Challenge- रहस्य (Mystery)
Writing Challenge- रहस्य (Mystery)
Sahityapedia
दिल में एहसास
दिल में एहसास
Dr fauzia Naseem shad
इश्क़ में रहम अब मुमकिन नहीं
इश्क़ में रहम अब मुमकिन नहीं
Anjani Kumar
तु आदमी मैं औरत
तु आदमी मैं औरत
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...