Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Apr 2024 · 1 min read

सत्य की खोज

सत्य शाश्वत है
और शाश्वत के अस्तित्व पर संशय करना
स्वयं को धोखा देना है।
बिल्कुल वैसे ही जैसे
सूर्य चंद्र वायु जल के अस्तित्व पर
संशय करना।
सत्य वहीं कहीं छुपा रहता है
हमारे मन के किसी कोने में
परत दर परत नीचे दबा हुआ।
निकल नहीं पाता बाहर
गहरी अंधेरी अज्ञानता की सुरंग से ।
और भ्रम पूरी चका चौंध ले
विराजमान हो जाता है
मुकुट बनकर हमारे माथे पर
काजल बनकर हमारी आंखों में
और शब्द बनकर हमारे होठों पर।।
सत्य की खोज करनी है
तो खुरच खुरच उतारना होगा
इन परतों के ऊपर जमा हुआ अंधेरा।
ज्ञान का प्रकाश होते ही
चमकने लगेगा सत्य
दिनकर और रजनीकर की तरह
और पूरी हो जायेगी खोज
सत्य की !
****धीरजा शर्मा***

4 Likes · 51 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dheerja Sharma
View all
You may also like:
समय
समय
Paras Nath Jha
*सुनिए बारिश का मधुर, बिखर रहा संगीत (कुंडलिया)*
*सुनिए बारिश का मधुर, बिखर रहा संगीत (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
कहीं दूर चले आए हैं घर से
कहीं दूर चले आए हैं घर से
पूर्वार्थ
"रेलगाड़ी सी ज़िन्दगी"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
*दर्शन शुल्क*
*दर्शन शुल्क*
Dhirendra Singh
■ फ़ोकट का एटीट्यूड...!!
■ फ़ोकट का एटीट्यूड...!!
*प्रणय प्रभात*
’बज्जिका’ लोकभाषा पर एक परिचयात्मक आलेख / DR. MUSAFIR BAITHA
’बज्जिका’ लोकभाषा पर एक परिचयात्मक आलेख / DR. MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
//एक सवाल//
//एक सवाल//
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
घट भर पानी राखिये पंक्षी प्यास बुझाय |
घट भर पानी राखिये पंक्षी प्यास बुझाय |
Gaurav Pathak
साहित्य चेतना मंच की मुहीम घर-घर ओमप्रकाश वाल्मीकि
साहित्य चेतना मंच की मुहीम घर-घर ओमप्रकाश वाल्मीकि
Dr. Narendra Valmiki
सामी विकेट लपक लो, और जडेजा कैच।
सामी विकेट लपक लो, और जडेजा कैच।
गुमनाम 'बाबा'
मतदान करो और देश गढ़ों!
मतदान करो और देश गढ़ों!
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
रिमझिम बारिश
रिमझिम बारिश
अनिल "आदर्श"
थोड़ा विश्राम चाहता हू,
थोड़ा विश्राम चाहता हू,
Umender kumar
जाने के बाद .....लघु रचना
जाने के बाद .....लघु रचना
sushil sarna
फिर झूठे सपने लोगों को दिखा दिया ,
फिर झूठे सपने लोगों को दिखा दिया ,
DrLakshman Jha Parimal
औरत तेरी गाथा
औरत तेरी गाथा
विजय कुमार अग्रवाल
तुम भी तो आजकल हमको चाहते हो
तुम भी तो आजकल हमको चाहते हो
Madhuyanka Raj
फेसबुक
फेसबुक
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
हर बार नहीं मनाना चाहिए महबूब को
हर बार नहीं मनाना चाहिए महबूब को
शेखर सिंह
दिल तमन्ना कोई
दिल तमन्ना कोई
Dr fauzia Naseem shad
3391⚘ *पूर्णिका* ⚘
3391⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
"सियासत"
Dr. Kishan tandon kranti
*दिल का आदाब ले जाना*
*दिल का आदाब ले जाना*
sudhir kumar
हिन्दी ग़ज़लः सवाल सार्थकता का? +रमेशराज
हिन्दी ग़ज़लः सवाल सार्थकता का? +रमेशराज
कवि रमेशराज
रामायण से सीखिए,
रामायण से सीखिए,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
चलो कुछ दूर तलक चलते हैं
चलो कुछ दूर तलक चलते हैं
Bodhisatva kastooriya
पिता के बिना सन्तान की, होती नहीं पहचान है
पिता के बिना सन्तान की, होती नहीं पहचान है
gurudeenverma198
ଆପଣଙ୍କର ଅଛି।।।
ଆପଣଙ୍କର ଅଛି।।।
Otteri Selvakumar
एस. पी.
एस. पी.
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...