Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Apr 2024 · 1 min read

सत्य की खोज, कविता

——————————–
कविता -सत्य की खोज
——————————–
चक्की में घिसना पड़ेगा
सत्य की खोज में।
तपना पड़ेगा
साधन और साध्य के
गहन मध्याकाश में दीप्त
अर्चियों की लौ में।
सत्य की गहनता में
समाहित होना
कठिन परीक्षा होती है
साधक की।
सत्य सनातन के शीर्ष
तक पहुंचने में तपाना होगा
समिधा की तरह जलना होगा
सत्य की खोज में।।
चक्की में घिसना पड़ेगा
सत्य की खोज में।।
सत्य संग तादात्म्य के बिना
असम्भव है पंचतत्व के
अस्तित्व को समझना।
डूबना पड़ेगा,सत्य रस
में भींगना पड़ेगा।
सत्यम् शिवम् सुंदरम्
जीवन के यथार्थ धारा में
स्व के प्रज्वलित विद्वेष
की अग्नि की शांति के लिए
चक्की में घिसना पड़ेगा
सत्य की खोज में।।
••© मोहन पाण्डेय ‘भ्रमर ‘
हाटा कुशीनगर उत्तर प्रदेश
2 मार्च 2024, मंगलवार

2 Likes · 65 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
इशारों इशारों में ही, मेरा दिल चुरा लेते हो
इशारों इशारों में ही, मेरा दिल चुरा लेते हो
Ram Krishan Rastogi
आसां  है  चाहना  पाना मुमकिन नहीं !
आसां है चाहना पाना मुमकिन नहीं !
Sushmita Singh
किरणों का कोई रंग नहीं होता
किरणों का कोई रंग नहीं होता
Atul "Krishn"
दौरे-हजीर चंद पर कलमात🌹🌹🌹🌹🌹🌹
दौरे-हजीर चंद पर कलमात🌹🌹🌹🌹🌹🌹
shabina. Naaz
नाम बदलने का था शौक इतना कि गधे का नाम बब्बर शेर रख दिया।
नाम बदलने का था शौक इतना कि गधे का नाम बब्बर शेर रख दिया।
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
*मेरे साथ तुम हो*
*मेरे साथ तुम हो*
Shashi kala vyas
केना  बुझब  मित्र आहाँ केँ कहियो नहिं गप्प केलहूँ !
केना बुझब मित्र आहाँ केँ कहियो नहिं गप्प केलहूँ !
DrLakshman Jha Parimal
2557.पूर्णिका
2557.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
बेख़बर
बेख़बर
Shyam Sundar Subramanian
💐*सेहरा* 💐
💐*सेहरा* 💐
Ravi Prakash
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
ऐ,चाँद चमकना छोड़ भी,तेरी चाँदनी मुझे बहुत सताती है,
ऐ,चाँद चमकना छोड़ भी,तेरी चाँदनी मुझे बहुत सताती है,
Vishal babu (vishu)
"सुन लो"
Dr. Kishan tandon kranti
जिंदगी तुझको सलाम
जिंदगी तुझको सलाम
gurudeenverma198
Dr. Arun Kumar shastri
Dr. Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
नवीन वर्ष (पञ्चचामर छन्द)
नवीन वर्ष (पञ्चचामर छन्द)
नाथ सोनांचली
मन से उतरे लोग दाग धब्बों की तरह होते हैं
मन से उतरे लोग दाग धब्बों की तरह होते हैं
ruby kumari
समुद्र इसलिए खारा क्योंकि वो हमेशा लहराता रहता है यदि वह शां
समुद्र इसलिए खारा क्योंकि वो हमेशा लहराता रहता है यदि वह शां
Rj Anand Prajapati
आना भी तय होता है,जाना भी तय होता है
आना भी तय होता है,जाना भी तय होता है
Shweta Soni
अंतरात्मा की आवाज
अंतरात्मा की आवाज
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अपनों को थोड़ासा समझो तो है ये जिंदगी..
अपनों को थोड़ासा समझो तो है ये जिंदगी..
'अशांत' शेखर
पता ही नहीं चलता यार
पता ही नहीं चलता यार
पूर्वार्थ
बिना अश्क रोने की होती नहीं खबर
बिना अश्क रोने की होती नहीं खबर
sushil sarna
सत्साहित्य सुरुचि उपजाता, दूर भगाता है अज्ञान।
सत्साहित्य सुरुचि उपजाता, दूर भगाता है अज्ञान।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
हम वो हिंदुस्तानी है,
हम वो हिंदुस्तानी है,
भवेश
धृतराष्ट्र की आत्मा
धृतराष्ट्र की आत्मा
ओनिका सेतिया 'अनु '
चंदा मामा सुनो ना मेरी बात 🙏
चंदा मामा सुनो ना मेरी बात 🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
किसी की सेवा या सहयोग
किसी की सेवा या सहयोग
*Author प्रणय प्रभात*
लफ़्ज़ों में हमनें
लफ़्ज़ों में हमनें
Dr fauzia Naseem shad
तन्हां जो छोड़ जाओगे तो...
तन्हां जो छोड़ जाओगे तो...
Srishty Bansal
Loading...