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18 Feb 2023 · 1 min read

शिव स्तुति

शिव स्तुति
~~°~~°~~°
माया के जंजाल से,
शिव हमें तुम मुक्त कर दे ।
राग से वैराग्य करके,
शिवत्व का वरदान दे दे।
क्रोधाग्नि में जलूँ क्यों मैं,
कामरिपु विषहार तू।
लोभ ना हो जिन्दगी में,
सन्तोष का सुख सार दे दे।
अचिन्त्य रुप निर्मल तेरा,
वो निर्मलता उपहार दे दे।
संकीर्णता को दूर करके,
व्यापक हृदय उदार कर दे।
चिंता से तन निर्बल हुआ है,
स्थितप्रज्ञ मन रहता नहीं ।
हे गौरीपति!निर्भय करो अब,
अमरत्व का वरदान दे दे…

मौलिक और स्वरचित
सर्वाधिकार सुरक्षित
© ® मनोज कुमार कर्ण
कटिहार ( बिहार )
तिथि – १८ /०२ /२०२३
फाल्गुन ,कृष्ण पक्ष ,त्रयोदशी ,शनिवार
विक्रम संवत २०७९
मोबाइल न. – 8757227201
ई-मेल – mk65ktr@gmail.com

7 Likes · 4 Comments · 683 Views
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