Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Aug 2023 · 2 min read

शमशान और मैं l

एक सोच ने आज मुझको जकड़ा है,
पैरों मे पड़ी जंज़ीरो को ,
आज हिम्मत कर के पकड़ा है ।
मन की गति से चल रहा,
आज सोच का विमान है,
तीव्र किये ये अपनी रफ़तार है ।
••••••
मैं डर गई हूँ इस तेज़ी से,
मैं थम गई हूँ आज यहीं,
थक गई हूँ मैं भागते-भागते
मैं थक गई वनवास काटते-काटते ।।
••••••
लाओ कोई पानी पीला दो!
आओ कोई वीणा सुना दो!
सुनो न कोई मन की मेरे,
पूछो ना ज़रा हाल मेरा,
क्यूँ पूछते हो हर बार एक जैसे सवाल?
क्यूँ जाँचते हो मेरी ज़ात?

•••••••
क्यों पूछते हो किसने छोड़ दिया!
क्यों पूछते हो था कौन जिसने तोड़ दिया!
क्यूँ कहते हो नारी हो.. तुम सहो!
क्यूँ कहते हो चुप्पी साधे रहो!
क्यों पूछते हो किसने जला दिया?
पूछते क्यूँ हो बलात्कार कैसा हुआ ?
चेहरा किसने जला दिया?
कौन था जिसने दिल दुखा दिया?
क्यों करते हो मुझपर प्रहार?
पूछते क्यों हो जो दे पीड़ा अपार?
••••••
पूछो ना कुछ जो कर दे मेरे मन को शांत!
कुछ जो दे चंदा सा प्रकाश!
सुनो न मेरी भी कोई,
पूछो न हाल मेरा भी कभी!
•••••••
क्यूँ हर युग मे मैं!आज़माई गई?
ना ना तरह से बेहलाई गई!
•••••••
मैं सीता हूँ जो वन गई ।
मैं सती थी जो जल गई ।
मैं मीरा सब सेहती रही ।
मैं द्रोपदी जो निर्वस्त्र हुई ।
कलयुग मे मैं निर्भया हुई ।।
अनंत बार मे मरती गई!
अंतिमा मैं जो अनंत पीड़ा सेह रही!
••••••
क्यूँ देखते हो लालची आँखो से?
क्यूँ तोड़ते हो प्रहारों से?
नोचो मत बदन को मेरे!
मेरी चीखें क्यूँ दबाते हो?
मेरी कलाई को क्यूँ इतना सताते हो?
मुह दाब के मेरा,
साबित क्या करना चाहते हो?
••••••
मैं थक गई हूँ!
इस काले विपिन मे दौड़ते-दौड़ते!
काली बेड़ियों को तोड़ते-तोड़ते!
मुझे चीखना हैं चिल्लाने दो…
आज सारी वेदना बहाने दो….
••••••
क्यूँ साबित करूँ मैं अपनी पवित्रता?
क्यूँ देती रहूँ मैं अग्नि परीक्षा?
अनंत अंतिमा की कहानी है ।।
क्या इतनी सी ही मेरी ज़िंदगानी हैं?
•••••
अग्नि पर चलाते हो क्यूँ?
बिस्तर के दाग़ से आज़माते हो क्यूँ?
मुझे आज चिल्लाने दो…
भीतर से सब निकालने दो….
आओ ना कोई पुचकार दो!
देखों ना परवाह कितना गेहरा है!
लय, प्रलय, आकाल है!
सुखा पड़ा क्या सारा संसार है!
•••••
सबके कान बंद हैं क्या?
बिन कानों के यहां क्या सब इंसान हैं?
..
..
..
सेजल गोस्वामी..
..
..
..
#shamshan_or_mai …

Language: Hindi
107 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गर्भपात
गर्भपात
Dr. Kishan tandon kranti
दिन ढले तो ढले
दिन ढले तो ढले
Dr.Pratibha Prakash
हैं जो कुछ स्मृतियां वो आपके दिल संग का
हैं जो कुछ स्मृतियां वो आपके दिल संग का
दीपक झा रुद्रा
झूठी है यह जिंदगी,
झूठी है यह जिंदगी,
sushil sarna
यूँही चलते है कदम बेहिसाब
यूँही चलते है कदम बेहिसाब
Vaishaligoel
राजतंत्र क ठगबंधन!
राजतंत्र क ठगबंधन!
Bodhisatva kastooriya
3281.*पूर्णिका*
3281.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ्य
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ्य
Dr.Rashmi Mishra
हिंदीग़ज़ल में होता है ऐसा ! +रमेशराज
हिंदीग़ज़ल में होता है ऐसा ! +रमेशराज
कवि रमेशराज
“दोस्त हो तो दोस्त बनो”
“दोस्त हो तो दोस्त बनो”
DrLakshman Jha Parimal
पयोनिधि नेह में घोली, मधुर सुर साज है हिंदी।
पयोनिधि नेह में घोली, मधुर सुर साज है हिंदी।
Neelam Sharma
आज कल !!
आज कल !!
Niharika Verma
*सीता जी : छह दोहे*
*सीता जी : छह दोहे*
Ravi Prakash
डा. तेज सिंह : हिंदी दलित साहित्यालोचना के एक प्रमुख स्तंभ का स्मरण / MUSAFIR BAITHA
डा. तेज सिंह : हिंदी दलित साहित्यालोचना के एक प्रमुख स्तंभ का स्मरण / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
कुछ परिंदें।
कुछ परिंदें।
Taj Mohammad
जुगनू
जुगनू
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मैंने कहा मुझे कयामत देखनी है ,
मैंने कहा मुझे कयामत देखनी है ,
Vishal babu (vishu)
वो मुझे पास लाना नही चाहता
वो मुझे पास लाना नही चाहता
कृष्णकांत गुर्जर
बड़ा काफ़िर
बड़ा काफ़िर
हिमांशु Kulshrestha
"कथा" - व्यथा की लिखना - मुश्किल है
Atul "Krishn"
मुस्कराहटों के पीछे
मुस्कराहटों के पीछे
Surinder blackpen
उत्तर नही है
उत्तर नही है
Punam Pande
सारे दुख दर्द होजाते है खाली,
सारे दुख दर्द होजाते है खाली,
Kanchan Alok Malu
कोई होटल की बिखरी ओस में भींग रहा है
कोई होटल की बिखरी ओस में भींग रहा है
Akash Yadav
मैं पर्वत हूं, फिर से जीत......✍️💥
मैं पर्वत हूं, फिर से जीत......✍️💥
Shubham Pandey (S P)
जीवन अप्रत्याशित
जीवन अप्रत्याशित
पूर्वार्थ
खोज सत्य की जारी है
खोज सत्य की जारी है
महेश चन्द्र त्रिपाठी
नई जगह ढूँढ लो
नई जगह ढूँढ लो
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
आपसे होगा नहीं , मुझसे छोड़ा नहीं जाएगा
आपसे होगा नहीं , मुझसे छोड़ा नहीं जाएगा
Keshav kishor Kumar
तू एक फूल-सा
तू एक फूल-सा
Sunanda Chaudhary
Loading...