Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-88💐

वो ही बताएँ उनसे मिलने के बहाने,
क्या मिला अब तक सिवाए आज़ार-ए-‘इश्क़^ के।
^प्रेम की पीड़ा
©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
47 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
शर्तों पे कोई रिश्ता
शर्तों पे कोई रिश्ता
Dr fauzia Naseem shad
#चाह_वैभव_लिए_नित्य_चलता_रहा_रोष_बढ़ता_गया_और_मैं_ना_रहा।।
#चाह_वैभव_लिए_नित्य_चलता_रहा_रोष_बढ़ता_गया_और_मैं_ना_रहा।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
अतीत कि आवाज
अतीत कि आवाज
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
खुले लोकतंत्र में पशु तंत्र ही सबसे बड़ा हथियार है
खुले लोकतंत्र में पशु तंत्र ही सबसे बड़ा हथियार है
प्रेमदास वसु सुरेखा
2253.
2253.
Dr.Khedu Bharti
जीवन के रंगो संग घुल मिल जाए,
जीवन के रंगो संग घुल मिल जाए,
Shashi kala vyas
💐प्रेम कौतुक-356💐
💐प्रेम कौतुक-356💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कोरोना चालीसा
कोरोना चालीसा
नन्दलाल सिंह 'कांतिपति'
एक बात कहूं तुमसे
एक बात कहूं तुमसे
Shekhar Chandra Mitra
वो इश्क को हंसी मे
वो इश्क को हंसी मे
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
जय माँ जगदंबे 🙏
जय माँ जगदंबे 🙏
डॉ.सीमा अग्रवाल
*आसमान से आग बरसती【बाल कविता/हिंदी गजल/गीतिका 】*
*आसमान से आग बरसती【बाल कविता/हिंदी गजल/गीतिका 】*
Ravi Prakash
"उतना ही दिख"
Dr. Kishan tandon kranti
//एहसास//
//एहसास//
AVINASH (Avi...) MEHRA
कभी किताब से गुज़रे
कभी किताब से गुज़रे
Ranjana Verma
माता रानी की भेंट
माता रानी की भेंट
umesh mehra
मूर्ख बनाने की ओर ।
मूर्ख बनाने की ओर ।
Buddha Prakash
दर्द तन्हाई मुहब्बत जो भी हो भरपूर होना चाहिए।
दर्द तन्हाई मुहब्बत जो भी हो भरपूर होना चाहिए।
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
माता  रानी  का लगा, है सुंदर  दरबार।
माता रानी का लगा, है सुंदर दरबार।
Abhishek Shrivastava "Shivaji"
मुस्कुराना चाहता हूं।
मुस्कुराना चाहता हूं।
अभिषेक पाण्डेय ‘अभि ’
एक पराई नार को 💃🏻
एक पराई नार को 💃🏻
Yash mehra
“पहाड़ी झरना”
“पहाड़ी झरना”
Awadhesh Kumar Singh
तपते सूरज से यारी है,
तपते सूरज से यारी है,
Satish Srijan
याद रहे कि
याद रहे कि
*Author प्रणय प्रभात*
गंवई गांव के गोठ
गंवई गांव के गोठ
Vijay kannauje
“ अकर्मण्यताक नागड़ि ”
“ अकर्मण्यताक नागड़ि ”
DrLakshman Jha Parimal
There are only two people in this
There are only two people in this
Ankita Patel
नींद आए तो सोना नहीं है
नींद आए तो सोना नहीं है
कवि दीपक बवेजा
दुनिया तेज़ चली या मुझमे ही कम रफ़्तार थी,
दुनिया तेज़ चली या मुझमे ही कम रफ़्तार थी,
गुप्तरत्न
ग़ज़ल
ग़ज़ल
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
Loading...