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12 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-78💐

वो दिल के कूचे से निकाल नहीं सकते,
तसल्ली देकर आख़िर तक छोड़ने आये।।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
99 Views
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