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7 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-369💐

वो तौसीक़^ किए थे दिमाग़ से पागल हूँ मैं,
चुप रहा कहता रहा,हाँ सच है पागल हूँ मैं,
पाग़ल को भी फिर से बे-एतिबार कहे क्यों,
यह सोच सोचकर,सुनो कामिल* पागल हूँ मैं।
^प्रमाणित *पूरा
©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
227 Views
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