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16 Nov 2022 · 1 min read

🇮🇳 वतन पर जां फ़िदा करना 🇮🇳

वतन पर जां फ़िदा करने की, जाने क्यों बनी फितरत
प्यार बांटे थे जीभर के, न जाने क्यों बढ़ी नफरत
वतन पर…………
1) पड़ौसी मुल्क जाने क्यों, पड़ौसी से नहीं होते
करें घुसपैठ हत्यारे, खूनी दामन नहीं धोते
पतन करते स्वयं का वो, घिनौनी सी करें हरकत
वतन पर….…..….
2) मारकर बेगुनाहों को, ताज सर पर पहरते हैं
दुष्ट दंभी भी बने इतने, तनिक न वो ठहरते हैं
आत्मघाति करें हमले, फैला क्यों रहे दहसत
वतन पर………..
3) बेटियां खुश हो भारत की, यही उनको नहीं भाता
वे वज़ह मांग सुनी कर, अधर्म के झण्डे फहराता
कदर न करता अपनों की, फैलाये सिर्फ वो नफरत
वतन पर…………
सीख:- जब 2 देश चैंनो अमन से रह सकते हैं, तो नफरत भरे माहौल में क्यों जियें और जिने दें। धन्यवाद।
लेखक:- खैमसिहं सैनी
M.A, M.Ed, B.Ed
Mob.No. 9266034599

Language: Hindi
Tag: कविता
3 Likes · 204 Views

Books from Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)

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