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8 Dec 2022 · 1 min read

वक्त और रिश्ते

टूट जाया करते है रिश्ते सारे
थोड़ा वक़्त तो ढ़लने दो

कम हो जाया करती है बातें
जऱा नया हमसफ़र तो मिलने दो

बदल जाया करती है एहमियत
थोड़ा एहसास तो बदल लेने दो

बढ़ जाते है फ़ासले दर्मियां में
जऱा हवा का रुख तो बदल जाने दो

अलग हो जाती है राहें जिंदगी की
जऱा नई राह को तो मिल जाने दो

बदल जाया करते है वास्ते जिंदगी में
जऱा किसी से दिल तो लग जाने दो।
~ Silent Eyes

3 Likes · 1 Comment · 188 Views
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