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24 Nov 2022 · 5 min read

लौह पुरुष -सरदार कथा काव्य

कथा काव्य

आजादी का अमृतमहोत्व का सरदार—-

माँ लाड बाई जाबर भाई का नूर नज़र माँ भारती का अभिमान ,फौजी घर संस्कृति संस्कार परिवार !!

जाबर भाई ,माँ लाड बाई माँ सरदार संतान बल्लभ दिया नाम।।

बल्लभ जाबर भाई पटेल की बचपन
किलकारी माँ भारती ने पहचानी अपने आन स्वाभिमान की संतान!!

प्रथम दिवस शिक्षा से गुरुओ के मर्म गर्व का शिष्य बल्लभ बालक गुरुओ की महिमा मान स्वाभिमान स्वर्णिम भविष्य का रचनेवाला वर्तमान!!

प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा पूर्ण हुई किया वकालत पास पल प्रहर हर परिस्थिति कठिनाई धर्य धीर निडर निर्भीक बल्लभ नौजवान !!

वात्सल्य भी विशेष आश्चर्य चकित अठखेली घर आंगन नगर गांव शहर खुशियों आशाओं का नन्हा बल्लभ प्राण!!

जिसने भी पाया नन्हे बल्लभ का सानिध्य अपने सद्कर्मों की दिया दुहाई ईश्वर को देता धन्यवाद!!

बचपन से युवा तक बल्लभ ने देखा भारत वासी को आपस लड़ते कभी जाती ,कभी धर्म, कभी ऊंच नीच भेद भाव मे घन घोर अशिक्षा का अंधकार घृणा द्वेष का धार !!

बल्लभ मन विह्वल हो जाता देख माँ भारती संतानो की दुःख पीड़ा दुर्दशा मन में ठान लिया माँ भारती कि सेवा व्रत मन ही मन किया संकल्प!!

शिक्षा दीक्षा पूरी की बल्लभ ने गुलाम राष्ट्र की वेदना की मातृभूमि में घृणा का बीजारोपण समाज को बांटती ब्रिटिश हुकूमत ।।

माँ भारती के भोले भाले संन्तान भारतवासी की भाव भावना हथियार बनाता भारत को बिल्ली बंदर की रोटी की तरह बंटता।।

हुकुमत को देता धार उसी धार से ग़ुलाम राष्ट्र को प्रतिदिन टुकड़े टुकड़े बांटता करता शर्मशार!!

नीत नए पैतरेबाजी से भारत की संवृद्धि विरासत परम्परा समाज पर करता अन्याय अत्याचार ।।

हद तक का वार ग़ुलामी एहसासों भारतवासी था टुटा टुटा बेज़ार धधकती सिने में ज्वाला तूफान क्रान्ति नेता नेतृत्व की प्रतीक्षा का अंदाज!!

वर्ष सन उन्नीस सौ दस से उन्नीस सौ तेरह तक वकालत की शिक्षा किया वकालत पास।।

बल्लभ बना युवा वकील गोधरा से की वकालत की शुरुआत !!

गोधरा में मन लगा नहीँ बल्लभ पहुंचे अहमदाबाद सन उन्नीस सौ सत्रह
उन्नीस सौ अठ्ठारह कर विरोध से बल्लभ के युवा जोश का शंखनाद !!

बल्लभ ने जाना महात्मा का भारत मे महात्म्य आत्म साथ किया बारदोली गूँज अनुगूँज स्वतंत्रता क्रांति में बल्लभ का आगाज़ अन्दाज़!!

सन उन्नीस सौ तीस में नमक आंदोलन स्वतंत्रता की चिंगारी प्रज्वलित मशाल अंगार!!

भारत की माटी के कण कण की थी यही पुकार, सत्य सनातन की जागृति हुंकार!!

भारत की माटी की कण कण अभिलाषा माँ भारती कोख से जन्मा हर बच्चा बोले भारत की मर्यादा पराक्रम पुरूषार्थ की भाषा!!

युवा योद्धा हो कर्मवीर ,धर्मवीर भारत के महत्व का महत्वपूर्ण लिखे गौरव गाथा!!

गुलामी कि वेदना ज्वाला से भारत का कण कण धधकता अंगार अंगारे की चाहत हर भारतवासी हो सत्य सनातन प्रहरी सिंह बाज़!!

सिसकती माँ भारती की आज़ादी का शंखनाद माँ भारती की वेदना हर घाव आँसू का करे हिसाब!!

माँ भारती की सुखी आँखों में सत्य सनातन का विश्वास भारत की युग चेतना जागृती नव शौर्य सूर्योदय की अवधारणा के अवतार ।।

भारत के इतिहास नायक महानायक वक्त आगमन का इंतजार!!

माँ भारती नीत देख रही थी अपने ही संतानो के मध्य जाति धर्म का विद्वेष भाव ।।

नया स्वरूप संग्राम गुलामी जंगो दंशों अपनी छाती पे घाव सीने में चिंगारी की दबी हुयी हुंकार !!

भारत का जन जन में निरीह अन्तर्मन मन से सुलग रहा था निरंकुश दासता मुक्ति का नीति नियंता नेतृत्व नियति सूर्योदय संध्या कर रहा था पुकार!!

नित्य निरन्तर सत्य सनातन धारा समय का प्रभा प्रबाह उदय उदित।।

गुजरात नाडियाड में जावर भाई के घर आंगन अम्बर में अट्ठारह सौ सन पचहत्तर को अट्यूबर माँ भारती की आशा विश्वश का सूरज चाँद।।

माँ लाड बाई की कोख भारत भविष्य माँ की आंखों का तारा अभिमान!!

जावर भाई झांसी की फौजी जवान तेजस्वी ओजस्वी पुत्र बल्लभ भारत कागर्व अभियान की शान स्वाभिमान!!

दण्डी यात्रा बल्लभ की स्वतंत्रता महासमर संग्राम का प्रथम पग आज़ाद भारत के सपनो पराकाष्ठा संसार!!

सन उन्नीस सौ इकतीस में गांधी इर्विन समझौता साक्षी बल्लभ गवाह ।।

बचपन से छट पटाती माँ भारती की वेदना के अँगार क्रांति के तुफानो की से कराल विकराल का सरदार!!

सन ऊँन्नीस सौ चौतीस में काँग्रेस का बल्लभ शीर्ष शिखर नेता नेतृत्व भारत वासी की आकांक्षा आकाश!!

भारत छोडों आंदोलन का अगुआ नेता सरदार माँ भारती के आँचल चरणों का व्यक्ति व्यक्तित्व भारत के जन जन का अनुराग।।

सन उन्नीस सौ बयालिस से सन पैतालिस तक स्वन्त्रता की भाव भावना का सैलाब तूफान।।

अत्याचार अन्याय के कारागार में लौह पुरूष सरदार बल्लभ की अवधारणा का अवतार!!

जन्म बल्लभ जावर भाई युवा ओज तेज का बना सरदार आज़ादी संघर्षों में तपता निखरा जावर भाई लाड बाई की फ़ौलाद सा औलाद।।

लौह पुरूष लौह की सार्थकता वास्तविकता का सत्य सत्यार्थ प्रकाश लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई आज़ादी की क्रांति युवा युग प्रेरणा आज!।

महात्मा आत्मा जवाहर हृदय आज़ादी की क्रांति चिंगारी प्रज्वलित मशाल ।।
मनाव मुल्यों की आज़ादी के मध्य सेतु संतुलन भारत का बल्लभ सरदार!!

सन ऊँन्नीस सौ सैतालीस में भागे अंग्रेज देश हुआ आज़ाद।।

लाखो त्याग बलिदानों का प्रकाश सैकडों साल गुलामी के अंधेरे अंधकार का नाश !!

नरमी गाँधी मर्यादा गौरव गरिमा, गर्मी सुभाष की भाषा विश्वास ,युवा क्रान्ति युवा ज़श्न का बल्लभ जावर भाई लौह पुरुष सरदार!!

बटवारे के नाम नोवाखाली मानव मानवता शर्मशार हिन्दू को रौंद रहा था जिन्ना के जिन्न का इस्लामी राष्ट्र पाकिस्तान!!

जाते जाते अंग्रेजों ने नफरत की जमीं पर जिन्ना जिन्न का किया इज़ाद ।।

भारत बंट गया धर्म के नाम पर जिन्ना जिद पर खंडित भारत बनापाकिस्तान इस्लामिक राष्ट्र!!

बल्लभ भाई के कंधों पे आज़ाद मुल्क़ के उप प्रधानमंत्री गृहमंत्री का द्विपद गुरूतर भार !!

भारत खण्ड खंड में बंटे राजा राज्य आज़ादी के उपहार से अंजान कोई स्वागत का करता गान तो कोई परिहास में करता जाना चाहता पाकिस्तान!!

एकता ही श्रेष्ठता अनेकता में एकता की जागृति जागरण का लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई भारत के वर्तमान की प्रमाणिकता का प्रमाण!!

सूझ बूझ ताकत का कमजोरी पर किया वार नेहरु की भाव भावना पद कद अनुभव को करते साथ समय सम्मान।।

समय जरूरत को भाँप नीति रीति धैर्य धीरता से माँ भारती को दिया मान सम्मान ।।

आज़ाद मुल्क भारत के नक्शे में पाँच सौ पैंसठ खण्ड खण्ड में बटे आपस मे लड़ते ग़ुलामी नक़्शे नशे में चूर राज्य राजाओं एक राष्ट्र नेक राष्ट्र की आज़ादी की एकता के नक्शे में दिया ढाल!!

युग सृष्टि में कभी कभार ही बल्लभ जाबर बचपन युवा मुश्किल के संघर्षों से तप निखर कर तुफानो से लड़ता।।

दुनिया की आशा विश्वास युग की प्रेरक प्रेरणा का लौह पुरूष सरदार रचता स्वर्णिम इतिहास!!

नंदलाल मणि त्रिपाठी गोरखपुर उत्तर प्रदेश

Language: Hindi
1 Like · 158 Views
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