Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Mar 2023 · 1 min read

लोग हमसे ख़फा खफ़ा रहे

ताउम्र हम उनसे निभाते अहदे वफ़ा रहे।
लेकिन लोग हमसे ख़फा ख़फा से रहे।

जिंदगी की शाम तल्क इंतज़ार किया
वक्त ए रूखसत भी निभाते जफा से रहे।

न वो समझे हैं,न समझेंगे दिल की बात,
ग़म जुदाई के हमने,कितनी दफा सहे।

शामिल समझते रहे ,खुद को उस घर में
जिस के दरो दीवार से हमेशा रफा रहे।

कोई कर गया है ग़र बेवफाई तो ग़म नहीं
उम्र भर लेकिन हम तो हैं बावफा रहे ।
सुरिंदर

Language: Hindi
1 Like · 125 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Surinder blackpen
View all
You may also like:
" जलाओ प्रीत दीपक "
Chunnu Lal Gupta
नफरतों के शहर में प्रीत लुटाते रहना।
नफरतों के शहर में प्रीत लुटाते रहना।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
🙅ताज़ा सुझाव🙅
🙅ताज़ा सुझाव🙅
*Author प्रणय प्रभात*
शीर्षक – रेल्वे फाटक
शीर्षक – रेल्वे फाटक
Sonam Puneet Dubey
शिक्षा और संस्कार जीवंत जीवन के
शिक्षा और संस्कार जीवंत जीवन के
Neelam Sharma
पिता (मर्मस्पर्शी कविता)
पिता (मर्मस्पर्शी कविता)
Dr. Kishan Karigar
अतीत
अतीत
Neeraj Agarwal
समरसता की दृष्टि रखिए
समरसता की दृष्टि रखिए
Dinesh Kumar Gangwar
यह जो पापा की परियां होती हैं, ना..'
यह जो पापा की परियां होती हैं, ना..'
SPK Sachin Lodhi
बरस रहे है हम ख्वाबो की बरसात मे
बरस रहे है हम ख्वाबो की बरसात मे
देवराज यादव
जिंदगी
जिंदगी
Bodhisatva kastooriya
शक्ति शील सौंदर्य से, मन हरते श्री राम।
शक्ति शील सौंदर्य से, मन हरते श्री राम।
आर.एस. 'प्रीतम'
स्पीड
स्पीड
Paras Nath Jha
आपको याद भी
आपको याद भी
Dr fauzia Naseem shad
अंतर्मन
अंतर्मन
Dr. Mahesh Kumawat
हम भी सोचते हैं अपनी लेखनी को कोई आयाम दे दें
हम भी सोचते हैं अपनी लेखनी को कोई आयाम दे दें
DrLakshman Jha Parimal
*पाते जन्म-मरण सभी, स्वर्ग लोक के भोग (कुंडलिया)*
*पाते जन्म-मरण सभी, स्वर्ग लोक के भोग (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
शिगाफ़ तो भरे नहीं, लिहाफ़ चढ़  गया मगर
शिगाफ़ तो भरे नहीं, लिहाफ़ चढ़ गया मगर
Shweta Soni
माँ तेरे चरणों मे
माँ तेरे चरणों मे
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
विनाश नहीं करती जिन्दगी की सकारात्मकता
विनाश नहीं करती जिन्दगी की सकारात्मकता
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कंधे पे अपने मेरा सर रहने दीजिए
कंधे पे अपने मेरा सर रहने दीजिए
rkchaudhary2012
आओ हम सब मिल कर गाएँ ,
आओ हम सब मिल कर गाएँ ,
Lohit Tamta
आज देव दीपावली...
आज देव दीपावली...
डॉ.सीमा अग्रवाल
"सुनो जरा"
Dr. Kishan tandon kranti
मेरा नौकरी से निलंबन?
मेरा नौकरी से निलंबन?
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
गाँव पर ग़ज़ल
गाँव पर ग़ज़ल
नाथ सोनांचली
2287.
2287.
Dr.Khedu Bharti
रिसाइकल्ड रिश्ता - नया लेबल
रिसाइकल्ड रिश्ता - नया लेबल
Atul "Krishn"
वादा करती हूं मै भी साथ रहने का
वादा करती हूं मै भी साथ रहने का
Ram Krishan Rastogi
नयी - नयी लत लगी है तेरी
नयी - नयी लत लगी है तेरी
सिद्धार्थ गोरखपुरी
Loading...