Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Apr 2024 · 1 min read

“लेकिन”

“लेकिन”
पता नहीं
हल की नोक से बनी
उन सारी रेखाओं से
बन पाती है
कितनी वर्णमालाएँ
खेत के पटल पर,
लेकिन
किसान तय करते दूरी
अन्न के सृजन तक।

1 Like · 1 Comment · 39 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
माशूका नहीं बना सकते, तो कम से कम कोठे पर तो मत बिठाओ
माशूका नहीं बना सकते, तो कम से कम कोठे पर तो मत बिठाओ
Anand Kumar
बारिश के लिए
बारिश के लिए
Srishty Bansal
हर किसी के लिए मौसम सुहाना नहीं होता,
हर किसी के लिए मौसम सुहाना नहीं होता,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
किसी शायर का ख़्वाब
किसी शायर का ख़्वाब
Shekhar Chandra Mitra
मोबाइल
मोबाइल
Punam Pande
हमें क़िस्मत ने
हमें क़िस्मत ने
Dr fauzia Naseem shad
दिलों का हाल तु खूब समझता है
दिलों का हाल तु खूब समझता है
नूरफातिमा खातून नूरी
गांधी का अवतरण नहीं होता 
गांधी का अवतरण नहीं होता 
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कर्म और ज्ञान,
कर्म और ज्ञान,
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
हमारी मंजिल
हमारी मंजिल
Diwakar Mahto
ग़म-ए-दिल....
ग़म-ए-दिल....
Aditya Prakash
इश्क़ में
इश्क़ में
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
दर्द
दर्द
Dr. Seema Varma
सेंगोल की जुबानी आपबिती कहानी ?🌅🇮🇳🕊️💙
सेंगोल की जुबानी आपबिती कहानी ?🌅🇮🇳🕊️💙
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
वो सांझ
वो सांझ
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
23/166.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/166.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मां तो फरिश्ता है।
मां तो फरिश्ता है।
Taj Mohammad
ये सिलसिले ऐसे
ये सिलसिले ऐसे
Dr. Kishan tandon kranti
अहंकार
अहंकार
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
बस चार ही है कंधे
बस चार ही है कंधे
Rituraj shivem verma
घर बाहर जूझती महिलाएं(A poem for all working women)
घर बाहर जूझती महिलाएं(A poem for all working women)
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
क्रेडिट कार्ड
क्रेडिट कार्ड
Sandeep Pande
चन्द्रशेखर आज़ाद...
चन्द्रशेखर आज़ाद...
Kavita Chouhan
हुनरमंद लोग तिरस्कृत क्यों
हुनरमंद लोग तिरस्कृत क्यों
Mahender Singh
जिस प्रकार इस धरती में गुरुत्वाकर्षण समाहित है वैसे ही इंसान
जिस प्रकार इस धरती में गुरुत्वाकर्षण समाहित है वैसे ही इंसान
Rj Anand Prajapati
Cottage house
Cottage house
Otteri Selvakumar
दोहे-बच्चे
दोहे-बच्चे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
#इधर_सेवा_उधर_मेवा।
#इधर_सेवा_उधर_मेवा।
*Author प्रणय प्रभात*
भ्रम
भ्रम
Shyam Sundar Subramanian
Loading...