Oct 14, 2016 · 1 min read

राजयोग महागीता:: तू अपनेसे करले अलग निज देह को

घनाक्षरी : अध्याय १ :: गुरुक्तानुभव : पोस्ट:: १०
तू अपने से कर ले अलग निज देह को ,
तब अभी ही सुखी, बंध- मुक्त हो जायेगा ।
वीतराग होकर बन दृष्टा– साक्षी– चैतन्य ,
राम में विश्राम कर मन हर्षायेगा ।
विप्र है न और वर्ण ,निराकार असंग है,
मन में यह वॉछित भाव उपजायेगा ।
है तू कर्ता न भोक्ता ,न ही तू संहारकर्ता ,
ऐसा यदि जान लेगा , मोक्ष को पा जायेगा ।।५/ १!!
——- जितेन्द्र कमल आनंद

98 Views
You may also like:
पिता की सीख
Anamika Singh
पिता
Neha Sharma
"ज़ुबान हिल न पाई"
अमित मिश्र
लगा हूँ...
Sandeep Albela
बुद्ध भगवान की शिक्षाएं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता का दर्द
Nitu Sah
(((मन नहीं लगता)))
दिनेश एल० "जैहिंद"
राई का पहाड़
Sangeeta Darak maheshwari
नई लीक....
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
सच समझ बैठी दिल्लगी को यहाँ।
ananya rai parashar
श्री राम
नवीन जोशी 'नवल'
त्याग की परिणति - कहानी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कलयुग की पहचान
Ram Krishan Rastogi
जिंदगी क्या है?
Ram Krishan Rastogi
Motivation ! Motivation ! Motivation !
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
" ओ मेरी प्यारी माँ "
कुलदीप दहिया "मरजाणा दीप"
माँ, हर बचपन का भगवान
Pt. Brajesh Kumar Nayak
🍀🌺परमात्मा सर्वोपरि🌺🍀
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
【25】 *!* विकृत विचार *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
शब्द बिन, नि:शब्द होते,दिख रहे, संबंध जग में।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
विश्व मजदूर दिवस पर दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
*!* सोच नहीं कमजोर है तू *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
पर्यावरण और मानव
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
पिता
Anis Shah
उसके मेरे दरमियाँ खाई ना थी
Khalid Nadeem Budauni
बुलंद सोच
Dr. Alpa H.
जमीं से आसमान तक।
Taj Mohammad
🌺🌺प्रेम की राह पर-9🌺🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
साल गिरह
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
"बहुत दिनों बाद"
Lohit Tamta
Loading...