Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Apr 2024 · 1 min read

राजनीति

लोग न जाने क्या क्या कहते है!
वो नेक है जो सब कुछ सहते है!!
हम उन लोगो से कुछ अलग है!
मन मर्जी के मालिक ही रहते है!!
वो भी क्या इन्सान जो लोगो से
डर कर पल पल बदलते रहते है!!
ऐसे लोगो को क्या ज़माना माने
जो गिरगिटसी रंग बदलते रहते है!!
नेता जो कभी आदर्श होते थे अब,
आदर्श नही ईमान बदलते रहते है!!
इसीलिए राजनीति की बलिहारी है,
गुडे मुस्टंडे संसद मे पलते रहते है!!
लाखो करोडो मे टिकट मिलती है,
कमाई करके भरपाई करते रहते है!!
अमृतकाल मे संकल्प लै संसद की,
शुद्धी करै, उनसे क्यू डरते रहते है?

बोधिसत्व कस्तूरिया एडवोकेट,कवि,पत्रकार
202 ,नीरव निकुजं फेस-2,सिकंदरा,आगरा-282007
मो:9412443093

2 Likes · 47 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Bodhisatva kastooriya
View all
You may also like:
“ आप अच्छे तो जग अच्छा ”
“ आप अच्छे तो जग अच्छा ”
DrLakshman Jha Parimal
माँ
माँ
लक्ष्मी सिंह
मौज में आकर तू देता,
मौज में आकर तू देता,
Satish Srijan
पंक्ति में व्यंग कहां से लाऊं ?
पंक्ति में व्यंग कहां से लाऊं ?
goutam shaw
कुछ नींदों से अच्छे-खासे ख़्वाब उड़ जाते हैं,
कुछ नींदों से अच्छे-खासे ख़्वाब उड़ जाते हैं,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
तो तुम कैसे रण जीतोगे, यदि स्वीकार करोगे हार?
तो तुम कैसे रण जीतोगे, यदि स्वीकार करोगे हार?
महेश चन्द्र त्रिपाठी
*सखी री, राखी कौ दिन आयौ!*
*सखी री, राखी कौ दिन आयौ!*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
यादें .....…......मेरा प्यारा गांव
यादें .....…......मेरा प्यारा गांव
Neeraj Agarwal
बाल कविता: मछली
बाल कविता: मछली
Rajesh Kumar Arjun
122 122 122 12
122 122 122 12
SZUBAIR KHAN KHAN
स्वयंभू
स्वयंभू
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
नेता पलटू राम
नेता पलटू राम
Jatashankar Prajapati
कितना आसान है मां कहलाना,
कितना आसान है मां कहलाना,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
लेकिन, प्यार जहां में पा लिया मैंने
लेकिन, प्यार जहां में पा लिया मैंने
gurudeenverma198
एक और द्रौपदी (अंतःकरण झकझोरती कहानी)
एक और द्रौपदी (अंतःकरण झकझोरती कहानी)
दुष्यन्त 'बाबा'
जाते हो.....❤️
जाते हो.....❤️
Srishty Bansal
- वह मूल्यवान धन -
- वह मूल्यवान धन -
Raju Gajbhiye
चेहरे का रंग देख के रिश्ते नही बनाने चाहिए साहब l
चेहरे का रंग देख के रिश्ते नही बनाने चाहिए साहब l
Ranjeet kumar patre
सारे ही चेहरे कातिल है।
सारे ही चेहरे कातिल है।
Taj Mohammad
"नए पुराने नाम"
Dr. Kishan tandon kranti
माँ
माँ
The_dk_poetry
#महाभारत
#महाभारत
*Author प्रणय प्रभात*
पिछले पन्ने 8
पिछले पन्ने 8
Paras Nath Jha
अनुभूति
अनुभूति
Shweta Soni
मेरी भी कहानी कुछ अजीब है....!
मेरी भी कहानी कुछ अजीब है....!
singh kunwar sarvendra vikram
तुम भी पत्थर
तुम भी पत्थर
shabina. Naaz
ସେହି ଫୁଲ ଠାରୁ ଅଧିକ
ସେହି ଫୁଲ ଠାରୁ ଅଧିକ
Otteri Selvakumar
*शिक्षक जी को नमन हमारा (बाल कविता)*
*शिक्षक जी को नमन हमारा (बाल कविता)*
Ravi Prakash
If you ever need to choose between Love & Career
If you ever need to choose between Love & Career
पूर्वार्थ
क्षणिका ...
क्षणिका ...
sushil sarna
Loading...