Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Sep 2016 · 1 min read

रह जायेगा

जब पुकारेगा खुदा सब कुछ धरा रह जायेगा
छोड़ दुनियाँ रूह से अपनी जुदा रह जायेगा
रुप अपना तू निखारे देख कर के आयना
एक तेरा रेत का महल ढला रह जायेगा

डॉ मधु त्रिवेदी

Language: Hindi
70 Likes · 282 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from DR.MDHU TRIVEDI
View all
You may also like:
ये इत्र सी स्त्रियां !!
ये इत्र सी स्त्रियां !!
Dr. Nisha Mathur
2747. *पूर्णिका*
2747. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
स्मृतिशेष मुकेश मानस : टैलेंटेड मगर अंडररेटेड दलित लेखक / MUSAFIR BAITHA 
स्मृतिशेष मुकेश मानस : टैलेंटेड मगर अंडररेटेड दलित लेखक / MUSAFIR BAITHA 
Dr MusafiR BaithA
किसी को जिंदगी लिखने में स्याही ना लगी
किसी को जिंदगी लिखने में स्याही ना लगी
कवि दीपक बवेजा
4) “एक और मौक़ा”
4) “एक और मौक़ा”
Sapna Arora
ज़िन्दगी की गोद में
ज़िन्दगी की गोद में
Rashmi Sanjay
जब स्वार्थ अदब का कंबल ओढ़ कर आता है तो उसमें प्रेम की गरमाह
जब स्वार्थ अदब का कंबल ओढ़ कर आता है तो उसमें प्रेम की गरमाह
Lokesh Singh
श्रृंगार करें मां दुल्हन सी, ऐसा अप्रतिम अपरूप लिए
श्रृंगार करें मां दुल्हन सी, ऐसा अप्रतिम अपरूप लिए
Er.Navaneet R Shandily
अफवाह आजकल फॉरवर्ड होती है(हास्य व्यंग्य)*
अफवाह आजकल फॉरवर्ड होती है(हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
जब कोई साथ नहीं जाएगा
जब कोई साथ नहीं जाएगा
KAJAL NAGAR
गेसू सारे आबनूसी,
गेसू सारे आबनूसी,
Satish Srijan
💐प्रेम कौतुक-557💐
💐प्रेम कौतुक-557💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
!! एक चिरईया‌ !!
!! एक चिरईया‌ !!
Chunnu Lal Gupta
■ होली का हुल्लड़...
■ होली का हुल्लड़...
*Author प्रणय प्रभात*
मेरी पसंद
मेरी पसंद
Shekhar Chandra Mitra
बहकी बहकी बातें करना
बहकी बहकी बातें करना
Surinder blackpen
जीवन में सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मैं स्वयं को मानती हूँ
जीवन में सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मैं स्वयं को मानती हूँ
ruby kumari
जन अधिनायक ! मंगल दायक! भारत देश सहायक है।
जन अधिनायक ! मंगल दायक! भारत देश सहायक है।
Neelam Sharma
सौ रोग भले देह के, हों लाख कष्टपूर्ण
सौ रोग भले देह के, हों लाख कष्टपूर्ण
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मुक्तक।
मुक्तक।
Pankaj sharma Tarun
बद मिजाज और बद दिमाग इंसान
बद मिजाज और बद दिमाग इंसान
shabina. Naaz
*चाँद कुछ कहना है आज * ( 17 of 25 )
*चाँद कुछ कहना है आज * ( 17 of 25 )
Kshma Urmila
बस यूं ही
बस यूं ही
MSW Sunil SainiCENA
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ३)
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ३)
Kanchan Khanna
कोई फैसला खुद के लिए, खुद से तो करना होगा,
कोई फैसला खुद के लिए, खुद से तो करना होगा,
Anand Kumar
भारत देश
भारत देश
लक्ष्मी सिंह
कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
प्रत्यक्षतः दैनिक जीवन मे  मित्रता क दीवार केँ ढाहल जा सकैत
प्रत्यक्षतः दैनिक जीवन मे मित्रता क दीवार केँ ढाहल जा सकैत
DrLakshman Jha Parimal
यूं जो उसको तकते हो।
यूं जो उसको तकते हो।
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
यह जरूर एक क्रांति है... जो सभी आडंबरो को तोड़ता है
यह जरूर एक क्रांति है... जो सभी आडंबरो को तोड़ता है
Utkarsh Dubey “Kokil”
Loading...