Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Feb 2017 · 1 min read

*** ये मूरत तेरी ****

ये मूरत तेरी
दिल में उतर
आई है
तेरी सूरत पे
लिखा जो ** मेरा नाम **
दिखलाई
नहीं देता
आँखों से
दिल की नज़र
से झांके दिल में
ऐसी नज़र हो
हर दिल में तभी
दिखलाई देगी दिल से
दिलबर की तस्वीर
तुमको वरना आज
धोखा तो अपने आप को
भी देत आये हैं लोग ।

?मधुप बैरागी

Language: Hindi
1 Like · 268 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from भूरचन्द जयपाल
View all
You may also like:
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-146 के चयनित दोहे
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-146 के चयनित दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
कोशिस करो कि दोगले लोगों से
कोशिस करो कि दोगले लोगों से
Shankar N aanjna
चंद सिक्कों की खातिर
चंद सिक्कों की खातिर
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
■ वक़्त किसी को नहीं छोड़ता। चाहे कोई कितना बड़ा सूरमा हो।
■ वक़्त किसी को नहीं छोड़ता। चाहे कोई कितना बड़ा सूरमा हो।
*Author प्रणय प्रभात*
कर
कर
Neelam Sharma
मंजिल कठिन ॲंधेरा, दीपक जलाए रखना।
मंजिल कठिन ॲंधेरा, दीपक जलाए रखना।
सत्य कुमार प्रेमी
सामाजिक न्याय के प्रश्न पर
सामाजिक न्याय के प्रश्न पर
Shekhar Chandra Mitra
🍁अंहकार🍁
🍁अंहकार🍁
Dr. Vaishali Verma
नारी-शक्ति के प्रतीक हैं दुर्गा के नौ रूप
नारी-शक्ति के प्रतीक हैं दुर्गा के नौ रूप
कवि रमेशराज
जिसके भीतर जो होगा
जिसके भीतर जो होगा
ruby kumari
बार बार बोला गया झूठ भी बाद में सच का परिधान पहन कर सच नजर आ
बार बार बोला गया झूठ भी बाद में सच का परिधान पहन कर सच नजर आ
Babli Jha
ओ चाँद गगन के....
ओ चाँद गगन के....
डॉ.सीमा अग्रवाल
निरुद्देश्य जीवन भी कोई जीवन होता है ।
निरुद्देश्य जीवन भी कोई जीवन होता है ।
ओनिका सेतिया 'अनु '
समझ
समझ
Dinesh Kumar Gangwar
या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै
या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै
Harminder Kaur
Dr Arun Kumar Shastri
Dr Arun Kumar Shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
फितरत
फितरत
Srishty Bansal
💐अज्ञात के प्रति-86💐
💐अज्ञात के प्रति-86💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
चांद सितारे चाहत हैं तुम्हारी......
चांद सितारे चाहत हैं तुम्हारी......
Neeraj Agarwal
पेड़ काट निर्मित किए, घुटन भरे बहु भौन।
पेड़ काट निर्मित किए, घुटन भरे बहु भौन।
विमला महरिया मौज
~~बस यूँ ही~~
~~बस यूँ ही~~
Dr Manju Saini
" आशिकी "
Dr. Kishan tandon kranti
*रात से दोस्ती* ( 9 of 25)
*रात से दोस्ती* ( 9 of 25)
Kshma Urmila
भीड़ ने भीड़ से पूछा कि यह भीड़ क्यों लगी है? तो भीड़ ने भीड
भीड़ ने भीड़ से पूछा कि यह भीड़ क्यों लगी है? तो भीड़ ने भीड
जय लगन कुमार हैप्पी
घुंटन जीवन का🙏
घुंटन जीवन का🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कह दें तारों से तू भी अपने दिल की बात,
कह दें तारों से तू भी अपने दिल की बात,
manjula chauhan
*नहीं जब धन हमारा है, तो ये अभिमान किसके हैं (मुक्तक)*
*नहीं जब धन हमारा है, तो ये अभिमान किसके हैं (मुक्तक)*
Ravi Prakash
3135.*पूर्णिका*
3135.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कोरे कागज़ पर
कोरे कागज़ पर
हिमांशु Kulshrestha
कछु मतिहीन भए करतारी,
कछु मतिहीन भए करतारी,
Arvind trivedi
Loading...