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11 Apr 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-544💐

यूँ ही रमक़ भर इन पयामों से याद करना,
सुनो अब सूखे गुलाबों से ही फ़रियाद करना,
मसाफ़त है तिरे मिरे बीच किसी क़ीमत का,
अब मुझे मत याद करना मत याद करना।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”
मकाँ की बात पर सब टिका है

Language: Hindi
391 Views
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