Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-442💐

यह सब ज़िंदगी है और ज़िंदगी के किस्से,
सब बयाँ कर रहें हैं यहाँ,अपने हिस्से-हिस्से,
कोई अन्दर से ख़ामोश है कोई बाहर से भी,
कुछ साथ न जाएगा,ये हैं ज़िंदगी के क़िस्से।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
142 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आजा माँ आजा
आजा माँ आजा
Basant Bhagawan Roy
नेह धागों का त्योहार
नेह धागों का त्योहार
Seema gupta,Alwar
यूं तेरी आदत सी हो गई है अब मुझे,
यूं तेरी आदत सी हो गई है अब मुझे,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
अमृत महोत्सव आजादी का
अमृत महोत्सव आजादी का
लक्ष्मी सिंह
मनुष्य को
मनुष्य को
ओंकार मिश्र
पोषित करते अर्थ से,
पोषित करते अर्थ से,
sushil sarna
पागल बना दिया
पागल बना दिया
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
थोड़ा नमक छिड़का
थोड़ा नमक छिड़का
Surinder blackpen
Gratitude Fills My Heart Each Day!
Gratitude Fills My Heart Each Day!
R. H. SRIDEVI
वोट की खातिर पखारें कदम
वोट की खातिर पखारें कदम
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मुझे फर्क पड़ता है।
मुझे फर्क पड़ता है।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
मतवाला मन
मतवाला मन
Dr. Rajeev Jain
परेशान देख भी चुपचाप रह लेती है
परेशान देख भी चुपचाप रह लेती है
Keshav kishor Kumar
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
24/246. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/246. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
तेरी
तेरी
Naushaba Suriya
*नई दुकान कहॉं चलती है (हिंदी गजल)*
*नई दुकान कहॉं चलती है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
बात मेरे मन की
बात मेरे मन की
Sûrëkhâ
Bikhari yado ke panno ki
Bikhari yado ke panno ki
Sakshi Tripathi
मई दिवस
मई दिवस
Neeraj Agarwal
तितली संग बंधा मन का डोर
तितली संग बंधा मन का डोर
goutam shaw
कामुकता एक ऐसा आभास है जो सब प्रकार की शारीरिक वीभत्सना को ख
कामुकता एक ऐसा आभास है जो सब प्रकार की शारीरिक वीभत्सना को ख
Rj Anand Prajapati
हम बदल गये
हम बदल गये
पूनम कुमारी (आगाज ए दिल)
अपनी समस्या का समाधान_
अपनी समस्या का समाधान_
Rajesh vyas
"स्वस्फूर्त होकर"
Dr. Kishan tandon kranti
हौसला
हौसला
Shyam Sundar Subramanian
रेत सी जिंदगी लगती है मुझे
रेत सी जिंदगी लगती है मुझे
Harminder Kaur
संवेदना - अपनी ऑंखों से देखा है
संवेदना - अपनी ऑंखों से देखा है
नवीन जोशी 'नवल'
"" *अहसास तेरा* ""
सुनीलानंद महंत
ज़िंदगी जीना
ज़िंदगी जीना
Dr fauzia Naseem shad
Loading...