Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Feb 2024 · 1 min read

मोबाइल

ऐसा ताकतवर
हो चला है
मोबाइल
इंसान की
कोमलता
मटियामेट
कर चला है
मोबाइल।
विचारों में
आ रहा
नकारात्मक
बदलाव
झुंझलाहट,
चिड़चिडेपन से
भर चला है
मोबाइल।
सुबह से
शाम
मोबाइल के
गुलाम
हमारी सरलता
को
चर चला है
मोबाइल।
रिश्तों की
मिठास का
कोई मोल नहीं रहा
आदमी को
अकेला सा
कर चला है
मोबाइल।

डा.पूनम पांडे

Language: Hindi
3 Likes · 83 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Punam Pande
View all
You may also like:
बदलता चेहरा
बदलता चेहरा
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
अन्न का मान
अन्न का मान
Dr. Pradeep Kumar Sharma
-- फ़ितरत --
-- फ़ितरत --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
*ईर्ष्या भरम *
*ईर्ष्या भरम *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कल जो रहते थे सड़क पर
कल जो रहते थे सड़क पर
Meera Thakur
बचपन मिलता दुबारा🙏
बचपन मिलता दुबारा🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
पूरा दिन जद्दोजहद में गुजार देता हूं मैं
पूरा दिन जद्दोजहद में गुजार देता हूं मैं
शिव प्रताप लोधी
ज़िंदगी तेरी हद
ज़िंदगी तेरी हद
Dr fauzia Naseem shad
*मनकहताआगेचल*
*मनकहताआगेचल*
Dr. Priya Gupta
गंगा की जलधार
गंगा की जलधार
surenderpal vaidya
वेला
वेला
Sangeeta Beniwal
पहले जैसा अब अपनापन नहीं रहा
पहले जैसा अब अपनापन नहीं रहा
Dr.Khedu Bharti
धीरे धीरे उन यादों को,
धीरे धीरे उन यादों को,
Vivek Pandey
जीवन की धूल ..
जीवन की धूल ..
Shubham Pandey (S P)
"साहित्यकार और पत्रकार दोनों समाज का आइना होते है हर परिस्थि
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
ज़ेहन पे जब लगाम होता है
ज़ेहन पे जब लगाम होता है
Johnny Ahmed 'क़ैस'
जीवन और जिंदगी में लकड़ियां ही
जीवन और जिंदगी में लकड़ियां ही
Neeraj Agarwal
भारत के सैनिक
भारत के सैनिक
नवीन जोशी 'नवल'
द्रौपदी
द्रौपदी
SHAILESH MOHAN
नागिन
नागिन
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
■ सरोकार-
■ सरोकार-
*प्रणय प्रभात*
ओम के दोहे
ओम के दोहे
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
*चाँद को भी क़बूल है*
*चाँद को भी क़बूल है*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
#पंचैती
#पंचैती
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
तथाकथित धार्मिक बोलबाला झूठ पर आधारित है
तथाकथित धार्मिक बोलबाला झूठ पर आधारित है
Mahender Singh
माना   कि  बल   बहुत  है
माना कि बल बहुत है
Paras Nath Jha
दिलो को जला दे ,लफ्ज़ो मैं हम वो आग रखते है ll
दिलो को जला दे ,लफ्ज़ो मैं हम वो आग रखते है ll
गुप्तरत्न
समझौता
समझौता
Dr.Priya Soni Khare
"खिलाफत"
Dr. Kishan tandon kranti
*माँ : दस दोहे*
*माँ : दस दोहे*
Ravi Prakash
Loading...