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21 May 2023 · 1 min read

मोबाइल फोन

सभी खिलौने टूट गए,
खेल सभी अब छूट गए ।
बाग में अब बैठेगा कौन,
जबसे हाथ में आया फोन ।।

होती सबकी चाह है पूरी,
हो गया कुछ और जरूरी ।
रात दिन उसमें ही रहते,
जबसे साथ में आया फोन ।।

गांव में हरियाली थी,
मन में खुशहाली थी ।
गांव की भी गयी रौनक ।
जबसे साथ में आया फोन ।।

मोबाइल जो साथ है,
व्यस्त सभी का हाथ है।
खाने का भी समय नहीं,
बस हाथ में दूरभाष है।।

© अभिषेक पाण्डेय अभि

29 Likes · 1 Comment · 525 Views
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