Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jun 2023 · 1 min read

मैं तो महज शराब हूँ

मैं तो महज शराब हूँ
महफिलों की शान मैं
फिर भी हूँ बदनाम मैं
मैं तो महज शराब हूँ
जो बेहिसाब पीेते हैं
वे बदहवास जीते हैं
मैं तो महज शराब हूँ
मेरा होना यूँ जरूरी है
मेहमानवाजी अधूरी है
मैं तो महज शराब हूँ
सरकारी कारोबार हूँ
मौत का व्यापार हूँ
मैं तो महज शराब हूँ
सुनो V9द दवा हूँ मैं
ना समझो नशा हूँ मैं
मैं तो महज शराब हूँ

2 Likes · 271 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from VINOD CHAUHAN
View all
You may also like:
जाने  कैसे दौर से   गुजर रहा हूँ मैं,
जाने कैसे दौर से गुजर रहा हूँ मैं,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
नसीहत
नसीहत
Shivkumar Bilagrami
अम्बर में अनगिन तारे हैं।
अम्बर में अनगिन तारे हैं।
Anil Mishra Prahari
रंजीत कुमार शुक्ल
रंजीत कुमार शुक्ल
Ranjeet Kumar Shukla
अनुभूति
अनुभूति
Shweta Soni
बरगद और बुजुर्ग
बरगद और बुजुर्ग
Dr. Pradeep Kumar Sharma
"कुछ तो सोचो"
Dr. Kishan tandon kranti
क्या पता है तुम्हें
क्या पता है तुम्हें
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मैं  गुल  बना  गुलशन  बना  गुलफाम   बना
मैं गुल बना गुलशन बना गुलफाम बना
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
"सुखी हुई पत्ती"
Pushpraj Anant
*अहंकार*
*अहंकार*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मै श्मशान घाट की अग्नि हूँ ,
मै श्मशान घाट की अग्नि हूँ ,
Pooja Singh
बसंत का मौसम
बसंत का मौसम
Awadhesh Kumar Singh
*उसको पाना है यदि तो, मन वृंदावन करना होगा【भक्ति-गीतिका】*
*उसको पाना है यदि तो, मन वृंदावन करना होगा【भक्ति-गीतिका】*
Ravi Prakash
गुरु बिन गति मिलती नहीं
गुरु बिन गति मिलती नहीं
अभिनव अदम्य
एक नासूर हो ही रहा दूसरा ज़ख्म फिर खा लिया।
एक नासूर हो ही रहा दूसरा ज़ख्म फिर खा लिया।
ओसमणी साहू 'ओश'
" बेदर्द ज़माना "
Chunnu Lal Gupta
एक अलग ही दुनिया
एक अलग ही दुनिया
Sangeeta Beniwal
चाँद बहुत अच्छा है तू!
चाँद बहुत अच्छा है तू!
Satish Srijan
हे दिल ओ दिल, तेरी याद बहुत आती है हमको
हे दिल ओ दिल, तेरी याद बहुत आती है हमको
gurudeenverma198
2678.*पूर्णिका*
2678.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
क्षितिज
क्षितिज
Dhriti Mishra
तालाश
तालाश
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कलानिधि
कलानिधि
Raju Gajbhiye
रुलाई
रुलाई
Bodhisatva kastooriya
फूक मार कर आग जलाते है,
फूक मार कर आग जलाते है,
Buddha Prakash
बेबाक ज़िन्दगी
बेबाक ज़िन्दगी
Neelam Sharma
जितने श्री राम हमारे हैं उतने श्री राम तुम्हारे हैं।
जितने श्री राम हमारे हैं उतने श्री राम तुम्हारे हैं।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
दूसरों के कर्तव्यों का बोध कराने
दूसरों के कर्तव्यों का बोध कराने
Dr.Rashmi Mishra
विकटता और मित्रता
विकटता और मित्रता
Astuti Kumari
Loading...