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15 Jun 2023 · 1 min read

मैं तो महज बुनियाद हूँ

मैं तो महज बुनियाद हूँ
जैसी बनाओ वैसी बनूंगी
हद है मेरी वही तक रहूंगी
मैं तो महज बुनियाद हूँ
जहाँ कहीं होती हूँ गहरी
मुझपे इमारत लम्बी ठहरी
मैं तो महज बुनियाद हूँ
कमजोर नींव उड़ जाते हैं
नाम औरनिशां नहीं पाते है
मैं तो महज बुनियाद हूँ
जरूरी है मुझपे ध्यान देना
देते हो भार तो सम्मान देना
मैं तो महज बुनियाद हूँ
V9द चाहे कुछ और ना हो
शिक्षा की नींव कमजोर ना हो
मैं तो महज बुनियाद हूँ

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