Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Mar 2023 · 1 min read

उसकी दहलीज पर

मेरे मुरशिद ने हाथ अपना थमाया जबसे,
मुरीद बनकर सर अपना नवाया जबसे।
अब तो बेखौफ होकर जीता हूँ,
उसकी दहलीज पर आया जबसे।
सतीश सृजन

Language: Hindi
354 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Satish Srijan
View all
You may also like:
जीवन का कठिन चरण
जीवन का कठिन चरण
पूर्वार्थ
"संवाद"
Dr. Kishan tandon kranti
राज़ बता कर जाते
राज़ बता कर जाते
Monika Arora
* मुझे क्या ? *
* मुझे क्या ? *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बच्चे ही मां बाप की दुनियां होते हैं।
बच्चे ही मां बाप की दुनियां होते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
सोशल मीडिया, हिंदी साहित्य और हाशिया विमर्श / MUSAFIR BAITHA
सोशल मीडिया, हिंदी साहित्य और हाशिया विमर्श / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
" पीती गरल रही है "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
हे दिनकर - दीपक नीलपदम्
हे दिनकर - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
*पर्वतों की सैर*
*पर्वतों की सैर*
sudhir kumar
छत्रपति वीर शिवाजी जय हो 【गीत】
छत्रपति वीर शिवाजी जय हो 【गीत】
Ravi Prakash
🙏 * गुरु चरणों की धूल*🙏
🙏 * गुरु चरणों की धूल*🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
प्रेम ही जीवन है।
प्रेम ही जीवन है।
Acharya Rama Nand Mandal
समय बदल रहा है..
समय बदल रहा है..
ओनिका सेतिया 'अनु '
दोहा-विद्यालय
दोहा-विद्यालय
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
नज़र बूरी नही, नजरअंदाज थी
नज़र बूरी नही, नजरअंदाज थी
संजय कुमार संजू
ठंड
ठंड
Ranjeet kumar patre
"प्रतिमा-स्थापना के बाद प्राण-प्रतिष्ठा" जितना आवश्यक है "कृ
*प्रणय प्रभात*
*कर्म बंधन से मुक्ति बोध*
*कर्म बंधन से मुक्ति बोध*
Shashi kala vyas
तुम मुझे भुला ना पाओगे
तुम मुझे भुला ना पाओगे
Ram Krishan Rastogi
‘ विरोधरस ‘ [ शोध-प्रबन्ध ] विचारप्रधान कविता का रसात्मक समाधान +लेखक - रमेशराज
‘ विरोधरस ‘ [ शोध-प्रबन्ध ] विचारप्रधान कविता का रसात्मक समाधान +लेखक - रमेशराज
कवि रमेशराज
हृदय को ऊॅंचाइयों का भान होगा।
हृदय को ऊॅंचाइयों का भान होगा।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
वैर भाव  नहीं  रखिये कभी
वैर भाव नहीं रखिये कभी
Paras Nath Jha
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
रुत चुनाव की आई 🙏
रुत चुनाव की आई 🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कान्हा तेरी मुरली है जादूभरी
कान्हा तेरी मुरली है जादूभरी
krishna waghmare , कवि,लेखक,पेंटर
लगा हो ज़हर जब होठों पर
लगा हो ज़हर जब होठों पर
Shashank Mishra
दूसरों के अनुभव से लाभ उठाना भी एक अनुभव है। इसमें सत्साहित्
दूसरों के अनुभव से लाभ उठाना भी एक अनुभव है। इसमें सत्साहित्
Dr. Pradeep Kumar Sharma
2529.पूर्णिका
2529.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
महादेवी वर्मा जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
महादेवी वर्मा जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
Harminder Kaur
🙏🙏श्री गणेश वंदना🙏🙏
🙏🙏श्री गणेश वंदना🙏🙏
umesh mehra
Loading...