Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 May 2023 · 1 min read

मेरी माँ……

जब याद तुम्हारी आती माँ। मुझको बहुत रुलाती माँ॥

तुमसे ही पाया यह जीवन
तुमने ही पोषित किया इसे
संस्कार का पाठ पढ़ा कर
शक्ति से सबल बनाया इसे
तेरे हाथों की कोमल स्पर्श
हरती है पीड़ा पल में माँ। जब याद तुम्हारी आती माँ।।

तुमने ही चलना सिखलाया
पाया जग में पहचान नया
तेरे पद की पावन रज धूली
मेरे सिर का वह ताज बना
तुमसे बड़ा ना दुजा जग में
हमदर्द कहाँ मिलता है माँ। जब याद तुम्हारी आती माँ।।

दिनभर करती कड़ी परिश्रम
फिर भी नही तुम थकती हो
बरसा कर तुम स्नेह की वर्षा
तुम मंद – मंद मुस्काती हो
सुनाकर तुम मधुर लोरियां
गोदी में मुझे समा लो माँ। जब याद तुम्हारी आती माँ।।

तेरी करुणा बरसाती आँखों ने
मुझे अभय का आशिष दिया
मन के हर सुनापन को
ममता की ठंडी छाँव दिया
अभिसिंचित कर नव सृजन को
कभी न मुरझाने दी हो माँ। जब याद तुम्हारी आती माँ।।

दिव्य अलौकिक रुप तुम्हारा
दुख-संताप निवारण करते है
तेरी बगीया के फूल सारे
जग को महकाते रहते है
अनजान शहर के विराने में
मुझे मीठी नींद सुलाओ माँ। जब याद तुम्हारी आती माँ।।
***********

Language: Hindi
1 Like · 145 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Awadhesh Kumar Singh
View all
You may also like:
महबूबा
महबूबा
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
दुनिया की हर वोली भाषा को मेरा नमस्कार 🙏🎉
दुनिया की हर वोली भाषा को मेरा नमस्कार 🙏🎉
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
सोचा ना था ऐसे भी जमाने होंगे
सोचा ना था ऐसे भी जमाने होंगे
Jitendra Chhonkar
मोदी का अर्थ महंगाई है ।
मोदी का अर्थ महंगाई है ।
Rj Anand Prajapati
"हर कोई अपने होते नही"
Yogendra Chaturwedi
"जिन्दगी में"
Dr. Kishan tandon kranti
सृजन के जन्मदिन पर
सृजन के जन्मदिन पर
Satish Srijan
हे परम पिता !
हे परम पिता !
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
करती रही बातें
करती रही बातें
sushil sarna
सज़ा तुमको तो मिलेगी
सज़ा तुमको तो मिलेगी
gurudeenverma198
!! युवा मन !!
!! युवा मन !!
Akash Yadav
यदि आप नंगे है ,
यदि आप नंगे है ,
शेखर सिंह
होली
होली
Neelam Sharma
जिंदगी
जिंदगी
Neeraj Agarwal
मै ना सुनूंगी
मै ना सुनूंगी
भरत कुमार सोलंकी
* कैसे अपना प्रेम बुहारें *
* कैसे अपना प्रेम बुहारें *
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
चार यार
चार यार
Bodhisatva kastooriya
3456🌷 *पूर्णिका* 🌷
3456🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
शहीदों के लिए (कविता)
शहीदों के लिए (कविता)
गुमनाम 'बाबा'
हमारे अच्छे व्यवहार से अक्सर घृणा कर कोसते हैं , गंदगी करते
हमारे अच्छे व्यवहार से अक्सर घृणा कर कोसते हैं , गंदगी करते
Raju Gajbhiye
ऐसा क्यों होता है..?
ऐसा क्यों होता है..?
Dr Manju Saini
जवाब दो हम सवाल देंगे।
जवाब दो हम सवाल देंगे।
सत्य कुमार प्रेमी
अपने क़द से
अपने क़द से
Dr fauzia Naseem shad
जीवन उद्देश्य
जीवन उद्देश्य
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
Ajj purani sadak se mulakat hui,
Ajj purani sadak se mulakat hui,
Sakshi Tripathi
इजाज़त है तुम्हें दिल मेरा अब तोड़ जाने की ।
इजाज़त है तुम्हें दिल मेरा अब तोड़ जाने की ।
Phool gufran
न  सूरत, न  शोहरत, न  नाम  आता  है
न सूरत, न शोहरत, न नाम आता है
Anil Mishra Prahari
■ आज का मुक्तक
■ आज का मुक्तक
*प्रणय प्रभात*
लड़की
लड़की
Dr. Pradeep Kumar Sharma
14, मायका
14, मायका
Dr .Shweta sood 'Madhu'
Loading...