Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jan 2017 · 2 min read

मेरी बेटी मेरी सहेली

मेरे हर सुख दुःख की हमजोली है, —मेरी बेटी
मेरी सबसे अच्छी सहेली है, —मेरी बेटी

अपनी मीठी बातों से बहलाती है, —मेरी बेटी

मेरे उदास चेहरे पर खुशी लाती है, – मेरी बेटी

आँसू बहे तो, अपने हाथों से पोछती है – मेरी बेटी
मेरे सारे दर्द भूलाती है—मेरी बेटी

कोई भी जख्म हो, मलहम लगाती है – मेरी बेटी

नन्हे – नन्हे हाथों से सहलाती है— मेरी बेटी

मेरी बिमारी में छुप-छुप के आँसू बहाती है- मेरी बेटी

कभी मन्नते, कभी दुआ बन जाती है – मेरी बेटी

मेरे हर रोग की दवा बन जाती है— मेरी बेटी

अपने सारे किस्सा सुनाती है —मेरी बेटी

कभी रूठती, कभी मनाती है —मेरी बेटी

मंदिर जाऊँ तो पूजा की थाल सजाती है – मेरी बेटी

कभी उत्सव, कभी त्योहार बन जाती है – मेरी बेटी

जब – तब मेरी तस्वीर निकालती है —मेरी बेटी

अपनी अनोखी अदा से लुभाती है —मेरी बेटी

अगर नजर ना आऊँ, तो घर भर में ढूंढती है – मेरी बेटी

अपनी मुस्कान से मन हर्षाती है- मेरी बेटी

मेरे घर को स्वर्ग बनाती है —मेरी बेटी

मेरी शक्ति , मेरी ताकत है —मेरी बेटी

दुनिया में सबसे प्यारी, निराली है —मेरी बेटी

घर में खुशी के दीप जलाती है – मेरी बेटी

दुनिया वाले की तुझे नजर ना लगे – मेरी बेटी

तू हमेशा मुस्कुराते, खिलखिलाती रहे —मेरी बेटी

तुझ पर कभी कोई संकट ना आये – मेरी बेटी

सारी खुशियाँ तेरे कदम चूमे —मेरी बेटी

तू सदा फूलों सी महकती रहे —मेरी बेटी

तू सदा चिड़ियों सी चहकती रहे —मेरी बेटी

तेरे सारे सपने पूरे हो – मेरी बेटी

तू सदा खुश रहे —मेरी बेटी

?लक्ष्मी सिंह ?

1 Like · 1987 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from लक्ष्मी सिंह
View all
You may also like:
आकाश के सितारों के साथ हैं
आकाश के सितारों के साथ हैं
Neeraj Agarwal
मैंने आईने में जब भी ख़ुद को निहारा है
मैंने आईने में जब भी ख़ुद को निहारा है
Bhupendra Rawat
आज वो दौर है जब जिम करने वाला व्यक्ति महंगी कारें खरीद रहा ह
आज वो दौर है जब जिम करने वाला व्यक्ति महंगी कारें खरीद रहा ह
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
एक ही भूल
एक ही भूल
Mukesh Kumar Sonkar
जिस कदर उम्र का आना जाना है
जिस कदर उम्र का आना जाना है
Harminder Kaur
मिला है जब से साथ तुम्हारा
मिला है जब से साथ तुम्हारा
Ram Krishan Rastogi
मुबारक़ हो तुम्हें ये दिन सुहाना
मुबारक़ हो तुम्हें ये दिन सुहाना
Monika Arora
हमें यह ज्ञात है, आभास है
हमें यह ज्ञात है, आभास है
DrLakshman Jha Parimal
जीवन जीते रहने के लिए है,
जीवन जीते रहने के लिए है,
Prof Neelam Sangwan
🙅आज🙅
🙅आज🙅
*प्रणय प्रभात*
!! मुरली की चाह‌ !!
!! मुरली की चाह‌ !!
Chunnu Lal Gupta
माथे पर दुपट्टा लबों पे मुस्कान रखती है
माथे पर दुपट्टा लबों पे मुस्कान रखती है
Keshav kishor Kumar
मौहब्बत की नदियां बहा कर रहेंगे ।
मौहब्बत की नदियां बहा कर रहेंगे ।
Phool gufran
घर की गृहलक्ष्मी जो गृहणी होती है,
घर की गृहलक्ष्मी जो गृहणी होती है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मित्रता तुम्हारी हमें ,
मित्रता तुम्हारी हमें ,
Yogendra Chaturwedi
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जड़ता है सरिस बबूल के, देती संकट शूल।
जड़ता है सरिस बबूल के, देती संकट शूल।
आर.एस. 'प्रीतम'
अंतरद्वंद
अंतरद्वंद
Happy sunshine Soni
प्रकृति
प्रकृति
Mangilal 713
॥ संकटमोचन हनुमानाष्टक ॥
॥ संकटमोचन हनुमानाष्टक ॥
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
मैं बनारस का बेटा हूँ मैं गुजरात का बेटा हूँ मैं गंगा का बेट
मैं बनारस का बेटा हूँ मैं गुजरात का बेटा हूँ मैं गंगा का बेट
शेखर सिंह
मजबूरियां थी कुछ हमारी
मजबूरियां थी कुछ हमारी
gurudeenverma198
"पहचान"
Dr. Kishan tandon kranti
कितना तन्हा
कितना तन्हा
Dr fauzia Naseem shad
आईना देख
आईना देख
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
चींटी रानी
चींटी रानी
Dr Archana Gupta
Drapetomania
Drapetomania
Vedha Singh
2624.पूर्णिका
2624.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
उतर चुके जब दृष्टि से,
उतर चुके जब दृष्टि से,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*मुख काला हो गया समूचा, मरण-पाश से लड़ने में (हिंदी गजल)*
*मुख काला हो गया समूचा, मरण-पाश से लड़ने में (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
Loading...