Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Feb 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-219💐

मुश्किल बना दी गई है इक मुलाक़ात के लिए,
नज़र ने दिल से कहा है इक करामात के लिए।।

©®अभिषेक:पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
177 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सब अनहद है
सब अनहद है
Satish Srijan
हसीनाओं से कभी भूलकर भी दिल मत लगाना
हसीनाओं से कभी भूलकर भी दिल मत लगाना
gurudeenverma198
आजकल गरीबखाने की आदतें अमीर हो गईं हैं
आजकल गरीबखाने की आदतें अमीर हो गईं हैं
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
आज नए रंगों से तूने घर अपना सजाया है।
आज नए रंगों से तूने घर अपना सजाया है।
Manisha Manjari
उदासी
उदासी
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
जो बीत गया उसे जाने दो
जो बीत गया उसे जाने दो
अनूप अम्बर
बुरा ख्वाबों में भी जिसके लिए सोचा नहीं हमने
बुरा ख्वाबों में भी जिसके लिए सोचा नहीं हमने
Shweta Soni
कांतिपति का चुनाव-रथ
कांतिपति का चुनाव-रथ
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
ज़िंदगी फिर भी हमें
ज़िंदगी फिर भी हमें
Dr fauzia Naseem shad
*जब कभी दिल की ज़मीं पे*
*जब कभी दिल की ज़मीं पे*
Poonam Matia
तीज मनाएँ रुक्मिणी...
तीज मनाएँ रुक्मिणी...
डॉ.सीमा अग्रवाल
ਐਵੇਂ ਆਸ ਲਗਾਈ ਬੈਠੇ ਹਾਂ
ਐਵੇਂ ਆਸ ਲਗਾਈ ਬੈਠੇ ਹਾਂ
Surinder blackpen
सम्मान गुरु का कीजिए
सम्मान गुरु का कीजिए
Harminder Kaur
जान लो पहचान लो
जान लो पहचान लो
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
खतरनाक होता है
खतरनाक होता है
Kavi praveen charan
हमारी फीलिंग्स भी बिल्कुल
हमारी फीलिंग्स भी बिल्कुल
Sunil Maheshwari
”ज़िन्दगी छोटी नहीं होती
”ज़िन्दगी छोटी नहीं होती
शेखर सिंह
- ଓଟେରି ସେଲଭା କୁମାର
- ଓଟେରି ସେଲଭା କୁମାର
Otteri Selvakumar
हमारे दोस्त
हमारे दोस्त
Shivkumar Bilagrami
है जो बात अच्छी, वो सब ने ही मानी
है जो बात अच्छी, वो सब ने ही मानी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*सोता रहता आदमी, आ जाती है मौत (कुंडलिया)*
*सोता रहता आदमी, आ जाती है मौत (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
शीर्षक:इक नज़र का सवाल है।
शीर्षक:इक नज़र का सवाल है।
Lekh Raj Chauhan
जहर मे भी इतना जहर नही होता है,
जहर मे भी इतना जहर नही होता है,
Ranjeet kumar patre
23/216. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/216. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जिन सपनों को पाने के लिए किसी के साथ छल करना पड़े वैसे सपने
जिन सपनों को पाने के लिए किसी के साथ छल करना पड़े वैसे सपने
Paras Nath Jha
*अविश्वसनीय*
*अविश्वसनीय*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
आंधियां* / PUSHPA KUMARI
आंधियां* / PUSHPA KUMARI
Dr MusafiR BaithA
Infatuation
Infatuation
Vedha Singh
मित्रता के मूल्यों को ना पहचान सके
मित्रता के मूल्यों को ना पहचान सके
DrLakshman Jha Parimal
😊अनुरोध😊
😊अनुरोध😊
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...