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17 Jul 2023 · 1 min read

मुझे सोते हुए जगते हुए

मुझे सोते हुए जगते हुए
ये ख़्वाब आता है।
कभी पानी की जगहा
आंख में तेज़ाब आता है।।
मैं बेहतर जानता हूं
इसलिए अक़्सर उफनता हूं।
समंदर मौन रहता है तो
फिर सैलाब आता है।।

■प्रणय प्रभात■

1 Like · 77 Views
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