Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 May 2023 · 1 min read

मानसिकता का प्रभाव

सही गलत मानसिकता का प्रभाव मात्र है
माना बागेश्वर मे गलत तो क्या बाकी सही है
हमारे भाव गलत भक्ति गलत विश्‍वास गलत है
सही केवल बिष्णेरीयो के तर्क वितर्ख मात्र है

विज्ञान के आड मे धर्म को आईना दिखाते है
कुछ बुद्धि जीवि सूरज को रोशनी दिखाते है
ये वो लोग है जो पैदा हो कर अपनी माँ से
अपने बाप को बाप होने का सबूत मांगते

अब कुछ लोग ये इस प्रकार उन्नती लायेंगे देश मे
घोड़ो को लाध् कर गधों को लगाते उन्नति कि रेस मे
दुध दही और घी बहता था मेरे इस देश मे
पानी भी मिलता है अब यहाँ आज पेकिट मे

बराबरी की तर्ज मे आबरू लूटते फेशन क्रेज मे
हमने तो नारी बराबर नहीं, स्त्री को माँ कहा है
देवता तक ललाहीत हो कर, खेले हे इस गोद मे
आधुनिक युग की आड़ मे, संस्कृति मिटाई जा रही है

क्या मिटा पाओगे!, हमने तो सर्वे भवन्तु सुखिनः माना है
सूर्य पूजा चाँद तारो की गण्ना, हमारे शास्त्रो से तुमने जाना है
पेड़, पहाड़, फूल, पत्ती, पानी,हवा, नदी,आदि को भगवान माना है
जीव जन्तु हि नहीं, हमने धरती के हर कण कण को शंकर मना है

Language: Hindi
272 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
Image at Hajipur
Image at Hajipur
Hajipur
चाय का निमंत्रण
चाय का निमंत्रण
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
ज़िंदगी ऐसी कि हर सांस में
ज़िंदगी ऐसी कि हर सांस में
Dr fauzia Naseem shad
#शेर
#शेर
*Author प्रणय प्रभात*
बेरोजगारी
बेरोजगारी
पंकज कुमार कर्ण
बहुत दिनों के बाद मिले हैं हम दोनों
बहुत दिनों के बाद मिले हैं हम दोनों
Shweta Soni
अंधेरों में अंधकार से ही रहा वास्ता...
अंधेरों में अंधकार से ही रहा वास्ता...
कवि दीपक बवेजा
In case you are more interested
In case you are more interested
Dhriti Mishra
अरमान
अरमान
अखिलेश 'अखिल'
माँ सरस्वती अन्तर्मन मन में..
माँ सरस्वती अन्तर्मन मन में..
Vijay kumar Pandey
*मेघ गोरे हुए साँवरे* पुस्तक की समीक्षा धीरज श्रीवास्तव जी द्वारा
*मेघ गोरे हुए साँवरे* पुस्तक की समीक्षा धीरज श्रीवास्तव जी द्वारा
Dr Archana Gupta
*हमारे देवता जितने हैं, सारे शस्त्रधारी हैं (हिंदी गजल)*
*हमारे देवता जितने हैं, सारे शस्त्रधारी हैं (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
होली आई रे
होली आई रे
Mukesh Kumar Sonkar
आसमान में छाए बादल, हुई दिवस में रात।
आसमान में छाए बादल, हुई दिवस में रात।
डॉ.सीमा अग्रवाल
ख़ामोशी है चेहरे पर लेकिन
ख़ामोशी है चेहरे पर लेकिन
पूर्वार्थ
यादों की शमा जलती है,
यादों की शमा जलती है,
Pushpraj Anant
हो गई है भोर
हो गई है भोर
surenderpal vaidya
प्राकृतिक के प्रति अपने कर्तव्य को,
प्राकृतिक के प्रति अपने कर्तव्य को,
goutam shaw
दर्शन की ललक
दर्शन की ललक
Neelam Sharma
"गुणनफल का ज्ञान"
Dr. Kishan tandon kranti
"मैं तुम्हारा रहा"
Lohit Tamta
2695.*पूर्णिका*
2695.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
आज़ादी के बाद भारत में हुए 5 सबसे बड़े भीषण रेल दुर्घटना
आज़ादी के बाद भारत में हुए 5 सबसे बड़े भीषण रेल दुर्घटना
Shakil Alam
जीवात्मा
जीवात्मा
Mahendra singh kiroula
वैसे किसी भगवान का दिया हुआ सब कुछ है
वैसे किसी भगवान का दिया हुआ सब कुछ है
शेखर सिंह
"दोस्ती का मतलब"
Radhakishan R. Mundhra
इंसानियत
इंसानियत
साहित्य गौरव
कौन उठाये मेरी नाकामयाबी का जिम्मा..!!
कौन उठाये मेरी नाकामयाबी का जिम्मा..!!
Ravi Betulwala
दोस्ती का कर्ज
दोस्ती का कर्ज
Dr. Pradeep Kumar Sharma
खुशी पाने की जद्दोजहद
खुशी पाने की जद्दोजहद
डॉ० रोहित कौशिक
Loading...