Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Apr 2024 · 1 min read

माटी में है मां की ममता

माटी में है मां की ममता
खून पसीना है पूर्वज का

प्यार परिश्रम इक पिता का
माटी है वरदान देश का

प्यार पसीना श्रम का जल
सींच रहा है मिट्टी देश का

पोषक अन्न से पाला माटी ने
कर्ज चुकाना है धरती मां का

टी.पी. तरुण

55 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
View all
You may also like:
आज का चयनित छंद
आज का चयनित छंद"रोला"अर्ध सम मात्रिक
rekha mohan
प्रेम और आदर
प्रेम और आदर
ओंकार मिश्र
महाकाल भोले भंडारी|
महाकाल भोले भंडारी|
Vedha Singh
तेरी कमी......
तेरी कमी......
Abhinay Krishna Prajapati-.-(kavyash)
*जिंदगी*
*जिंदगी*
Harminder Kaur
Readers Books Club:
Readers Books Club:
पूर्वार्थ
23/24.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/24.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मनी प्लांट
मनी प्लांट
कार्तिक नितिन शर्मा
अभी नहीं पूछो मुझसे यह बात तुम
अभी नहीं पूछो मुझसे यह बात तुम
gurudeenverma198
गाँधी जी की लाठी
गाँधी जी की लाठी
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
माज़ी में जनाब ग़ालिब नज़र आएगा
माज़ी में जनाब ग़ालिब नज़र आएगा
Atul "Krishn"
सत्ता अपनी सुविधा अपनी खर्चा सिस्टम सब सरकारी।
सत्ता अपनी सुविधा अपनी खर्चा सिस्टम सब सरकारी।
*Author प्रणय प्रभात*
बेटी को पंख के साथ डंक भी दो
बेटी को पंख के साथ डंक भी दो
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
मैं भारत का जवान हूं...
मैं भारत का जवान हूं...
AMRESH KUMAR VERMA
उलझी हुई है ज़ुल्फ़-ए-परेशाँ सँवार दे,
उलझी हुई है ज़ुल्फ़-ए-परेशाँ सँवार दे,
SHAMA PARVEEN
"लेकिन"
Dr. Kishan tandon kranti
इंतिज़ार
इंतिज़ार
Shyam Sundar Subramanian
बुढापे की लाठी
बुढापे की लाठी
Suryakant Dwivedi
फिर से आंखों ने
फिर से आंखों ने
Dr fauzia Naseem shad
दोहे
दोहे
डॉक्टर रागिनी
बेटी आएगी, तो खुशियां लाएगी।
बेटी आएगी, तो खुशियां लाएगी।
Rajni kapoor
कर सत्य की खोज
कर सत्य की खोज
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
अनेकों पंथ लोगों के, अनेकों धाम हैं सबके।
अनेकों पंथ लोगों के, अनेकों धाम हैं सबके।
जगदीश शर्मा सहज
मैंने खुद के अंदर कई बार झांका
मैंने खुद के अंदर कई बार झांका
ruby kumari
हिन्दुस्तान जहाँ से अच्छा है
हिन्दुस्तान जहाँ से अच्छा है
Dinesh Kumar Gangwar
खारे पानी ने भी प्यास मिटा दी है,मोहब्बत में मिला इतना गम ,
खारे पानी ने भी प्यास मिटा दी है,मोहब्बत में मिला इतना गम ,
goutam shaw
यादों के संसार की,
यादों के संसार की,
sushil sarna
मोह माया ये ज़िंदगी सब फ़ँस गए इसके जाल में !
मोह माया ये ज़िंदगी सब फ़ँस गए इसके जाल में !
Neelam Chaudhary
रिश्ते
रिश्ते
Ram Krishan Rastogi
एक शेर
एक शेर
Ravi Prakash
Loading...