Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Feb 2017 · 1 min read

!!~महफ़िल सुनी थी,तेरे बिन~!!

महफ़िल सुनी सी थी अब तक
तेरे बिन
तू चला आया यहाँ,
तो गुल खिल गए
कब से तरसता है मन,
तेरे मिलन के लिए
तू आया तो,
अब जाकर मन हुआ प्रफुल्ल !!

बगीया में माली
अकेला क्या करे
जब फल फूल न हों
तो किस के लिए मरे
जी जाता है देख कर
वो हर दम,
जब हर कली पर
खिलता हुआ देखता है गुलशन !!

मेरे मन की बगिया
भी तेरे बिन न संवर पाएगी
तेरी सांस का साथ न होगा
तो मेरा विचलित होगा मन
आजा और खिला जा
मेरे जीवन का तू, ये गुलशन

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Language: Hindi
259 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
View all
You may also like:
"फ़र्श से अर्श तक"
*प्रणय प्रभात*
सदा के लिए
सदा के लिए
Saraswati Bajpai
किसी भी देश या राज्य के मुख्या को सदैव जनहितकारी और जनकल्याण
किसी भी देश या राज्य के मुख्या को सदैव जनहितकारी और जनकल्याण
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
वरदान
वरदान
पंकज कुमार कर्ण
चलो अब बुद्ध धाम दिखाए ।
चलो अब बुद्ध धाम दिखाए ।
Buddha Prakash
देशभक्ति जनसेवा
देशभक्ति जनसेवा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
यक्ष प्रश्न
यक्ष प्रश्न
Mamta Singh Devaa
हर कस्बे हर मोड़ पर,
हर कस्बे हर मोड़ पर,
sushil sarna
जीवन अप्रत्याशित
जीवन अप्रत्याशित
पूर्वार्थ
Even if you stand
Even if you stand
Dhriti Mishra
संपूर्ण राममय हुआ देश मन हर्षित भाव विभोर हुआ।
संपूर्ण राममय हुआ देश मन हर्षित भाव विभोर हुआ।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
I lose myself in your love,
I lose myself in your love,
Shweta Chanda
మంత్రాలయము మహా పుణ్య క్షేత్రము
మంత్రాలయము మహా పుణ్య క్షేత్రము
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
हिंदुस्तान जिंदाबाद
हिंदुस्तान जिंदाबाद
Mahmood Alam
भाषा और बोली में वहीं अंतर है जितना कि समन्दर और तालाब में ह
भाषा और बोली में वहीं अंतर है जितना कि समन्दर और तालाब में ह
Rj Anand Prajapati
"आँसू"
Dr. Kishan tandon kranti
ये बात पूछनी है - हरवंश हृदय....🖋️
ये बात पूछनी है - हरवंश हृदय....🖋️
हरवंश हृदय
आमावश की रात में उड़ते जुगनू का प्रकाश पूर्णिमा की चाँदनी को
आमावश की रात में उड़ते जुगनू का प्रकाश पूर्णिमा की चाँदनी को
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
शोभा वरनि न जाए, अयोध्या धाम की
शोभा वरनि न जाए, अयोध्या धाम की
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
2710.*पूर्णिका*
2710.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
देख तो ऋतुराज
देख तो ऋतुराज
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
जो ले जाये उस पार दिल में ऐसी तमन्ना न रख
जो ले जाये उस पार दिल में ऐसी तमन्ना न रख
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
डर
डर
Sonam Puneet Dubey
प्रश्नपत्र को पढ़ने से यदि आप को पता चल जाय कि आप को कौन से
प्रश्नपत्र को पढ़ने से यदि आप को पता चल जाय कि आप को कौन से
Sanjay ' शून्य'
न‌ वो बेवफ़ा, न हम बेवफ़ा-
न‌ वो बेवफ़ा, न हम बेवफ़ा-
Shreedhar
वक्त कि ये चाल अजब है,
वक्त कि ये चाल अजब है,
SPK Sachin Lodhi
दर्द ए दिल बयां करु किससे,
दर्द ए दिल बयां करु किससे,
Radha jha
लिख दो किताबों पर मां और बापू का नाम याद आए तो पढ़ो सुबह दोप
लिख दो किताबों पर मां और बापू का नाम याद आए तो पढ़ो सुबह दोप
★ IPS KAMAL THAKUR ★
“तुम हो तो सब कुछ है”
“तुम हो तो सब कुछ है”
DrLakshman Jha Parimal
Loading...