Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Aug 2016 · 1 min read

मशविरा

खाने के मुआमलात में,
ज़ुबान काबू रखना।
कहने के मुआमलात में,
ज़ुबान थामे रखना।
बड़ी बेबाक है अवधूत,
फिसलती यकायक।
बेबाकी करे मनमानी,
लगाम बाजू रखना।

Language: Hindi
451 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from avadhoot rathore
View all
You may also like:
तारीख़ के बनने तक
तारीख़ के बनने तक
Dr fauzia Naseem shad
यह रंगीन मतलबी दुनियां
यह रंगीन मतलबी दुनियां
कार्तिक नितिन शर्मा
।।श्री सत्यनारायण व्रत कथा।।प्रथम अध्याय।।
।।श्री सत्यनारायण व्रत कथा।।प्रथम अध्याय।।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मुक्तक
मुक्तक
पंकज कुमार कर्ण
"तुम्हारे रहने से"
Dr. Kishan tandon kranti
Work hard and be determined
Work hard and be determined
Sakshi Tripathi
" करवा चौथ वाली मेहंदी "
Dr Meenu Poonia
𝕾...✍🏻
𝕾...✍🏻
पूर्वार्थ
#यदा_कदा_संवाद_मधुर, #छल_का_परिचायक।
#यदा_कदा_संवाद_मधुर, #छल_का_परिचायक।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
मैं अशुद्ध बोलता हूं
मैं अशुद्ध बोलता हूं
Keshav kishor Kumar
माशूक की दुआ
माशूक की दुआ
Shekhar Chandra Mitra
भारत मे शिक्षा
भारत मे शिक्षा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
छा जाओ आसमान की तरह मुझ पर
छा जाओ आसमान की तरह मुझ पर
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
रखो शीशे की तरह दिल साफ़….ताकी
रखो शीशे की तरह दिल साफ़….ताकी
shabina. Naaz
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
औरतें
औरतें
Neelam Sharma
2603.पूर्णिका
2603.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
अजब-गजब इन्सान...
अजब-गजब इन्सान...
डॉ.सीमा अग्रवाल
#लघु_कविता-
#लघु_कविता-
*Author प्रणय प्रभात*
*कविता पुरस्कृत*
*कविता पुरस्कृत*
Ravi Prakash
यह तो आदत है मेरी
यह तो आदत है मेरी
gurudeenverma198
सुविचार..
सुविचार..
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
चलो अब गांवों की ओर
चलो अब गांवों की ओर
Ram Krishan Rastogi
ग़ज़ल/नज़्म : पूरा नहीं लिख रहा कुछ कसर छोड़ रहा हूँ
ग़ज़ल/नज़्म : पूरा नहीं लिख रहा कुछ कसर छोड़ रहा हूँ
अनिल कुमार
हम तो फ़िदा हो गए उनकी आँखे देख कर,
हम तो फ़िदा हो गए उनकी आँखे देख कर,
Vishal babu (vishu)
यूँ मोम सा हौसला लेकर तुम क्या जंग जित जाओगे?
यूँ मोम सा हौसला लेकर तुम क्या जंग जित जाओगे?
'अशांत' शेखर
हर चीज से वीरान मैं अब श्मशान बन गया हूँ,
हर चीज से वीरान मैं अब श्मशान बन गया हूँ,
Aditya Prakash
इस दिल में .....
इस दिल में .....
sushil sarna
रंगे अमन
रंगे अमन
DR ARUN KUMAR SHASTRI
💐प्रेम कौतुक-296💐
💐प्रेम कौतुक-296💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...