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Sep 25, 2016 · 1 min read

मशविरा

दुनिया में सब कुछ पाने की,
ख़्वाहिशें जारी रखो,
ज़मीं क्या है फलक छूने की,
कोशिशें जारी रखो,
दम लेना पहुँच कर अवधूत,
चाही मंज़िल पर ही,
ऐशो इशरत पर अपनी,सारी,
बंदिशें जारी रखो ।

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