Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jul 2023 · 1 min read

भय, भाग्य और भरोसा (राहुल सांकृत्यायन के संग) / MUSAFIR BAITHA

भय, भाग्य और भरोसा
(राहुल सांकृत्यायन के संग)

आपकी समझ है कि कोई
भाग्य के भरोसे रहे
और दुनिया को बदलने का
भरोसा भी रखे बाकी
मुझे भरोसा ही नहीं
इत्मीनान भी है कि दुनिया बदलेगी ही
पॉजिटिव भी हो सकेगी
दिन ब दिन आखिर
मगर
भय से
भागने से
और भाग्य से नहीं
सकर्मक इच्छाओं एवं जज्बों के
भरोसे से
इसी भरोसे ही तो
दुनिया बदलती आई है
और निरंतर बदलती रहेगी।

Language: Hindi
147 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr MusafiR BaithA
View all
You may also like:
तुम्हें कुछ-कुछ सुनाई दे रहा है।
तुम्हें कुछ-कुछ सुनाई दे रहा है।
*प्रणय प्रभात*
मित्रता का बीज
मित्रता का बीज
लक्ष्मी सिंह
गिद्ध करते हैं सिद्ध
गिद्ध करते हैं सिद्ध
Anil Kumar Mishra
निष्ठुर संवेदना
निष्ठुर संवेदना
Alok Saxena
गौतम बुद्ध के विचार --
गौतम बुद्ध के विचार --
Seema Garg
दोहा त्रयी. . .
दोहा त्रयी. . .
sushil sarna
बालकों के जीवन में पुस्तकों का महत्व
बालकों के जीवन में पुस्तकों का महत्व
Lokesh Sharma
माँ तो आखिर माँ है
माँ तो आखिर माँ है
Dr. Kishan tandon kranti
Little Things
Little Things
Dhriti Mishra
फिर जनता की आवाज बना
फिर जनता की आवाज बना
vishnushankartripathi7
जात-पांत और ब्राह्मण / डा. अम्बेडकर
जात-पांत और ब्राह्मण / डा. अम्बेडकर
Dr MusafiR BaithA
कान्हा को समर्पित गीतिका
कान्हा को समर्पित गीतिका "मोर पखा सर पर सजे"
अटल मुरादाबादी, ओज व व्यंग कवि
!! दूर रहकर भी !!
!! दूर रहकर भी !!
Chunnu Lal Gupta
অরাজক সহিংসতা
অরাজক সহিংসতা
Otteri Selvakumar
शायद ये सांसे सिसक रही है
शायद ये सांसे सिसक रही है
Ram Krishan Rastogi
दिखता अगर फ़लक पे तो हम सोचते भी कुछ
दिखता अगर फ़लक पे तो हम सोचते भी कुछ
Shweta Soni
मिट्टी का बदन हो गया है
मिट्टी का बदन हो गया है
Surinder blackpen
"समझाइश "
Yogendra Chaturwedi
24/245. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/245. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
यादों की शमा जलती है,
यादों की शमा जलती है,
Pushpraj Anant
मेरे जीवन के इस पथ को,
मेरे जीवन के इस पथ को,
Anamika Singh
तुम नहीं बदले___
तुम नहीं बदले___
Rajesh vyas
जनता की कमाई गाढी
जनता की कमाई गाढी
Bodhisatva kastooriya
चांद सी चंचल चेहरा 🙏
चांद सी चंचल चेहरा 🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
तेरा मेरा.....एक मोह
तेरा मेरा.....एक मोह
Neeraj Agarwal
जीवन बरगद कीजिए
जीवन बरगद कीजिए
Mahendra Narayan
यह मेरी इच्छा है
यह मेरी इच्छा है
gurudeenverma198
मै ज़िन्दगी के उस दौर से गुज़र रहा हूँ जहाँ मेरे हालात और मै
मै ज़िन्दगी के उस दौर से गुज़र रहा हूँ जहाँ मेरे हालात और मै
पूर्वार्थ
आपकी वजह से किसी को दर्द ना हो
आपकी वजह से किसी को दर्द ना हो
Aarti sirsat
हमेशा समय रहते दूसरों की गलतियों से सीख लेना
हमेशा समय रहते दूसरों की गलतियों से सीख लेना
Sonam Puneet Dubey
Loading...