Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Jan 2024 · 2 min read

बिल्ली की लक्ष्मण रेखा

. . .बिल्ली की लक्ष्मण रेखा
*****************************
जब सड़क पर चलते समय कभी भी
कोई बिल्ली झट से देती है रास्ता काट
तब सच में मानो बड़े शूरमाओं की भी
वहीं पर खड़े खड़े ही लग जाती है वाट

एक साथ ही अनेकों तरह के बुरे विचार
मन में आकर जैसे कुलबुलाने लगते हैं
केवल अपशकुन ही अपशकुन उन्हें
अपनी चारों ओर नजर आने लगते हैं

आसपास टकटकी लगाकर ढ़ेर सारे
खड़े लोगों की ओर देखने से बचते हैं
चलते-चलते अचानक ही रुक जाने का
मन ही मन में कोई नई कहानी रचते हैं

इस बात की भी है अन्दर से लज्जा
देखने वाले लोग उन्हें अब क्या कहेंगे
पर किसी के आगे बढ़ने से पहले ही
सब जानकर फिर वही आगे क्यों बढ़ेंगे

कुछ देर में ही उन्हें हिम्मत आ जाती है
अब जिसको भी जो भी कहना है वो कहे
अंधविश्वासी ही उन्हें क्यों नहीं समझे
पर आगे बढ़ हानि केवल वही क्यों सहे

यह क्या इनके पीछे भी तो दर्जनों
आधुनिक बने लोग चुपचाप यूं खड़े हैं
एक दूसरे से अपनी ऑंखों को चुराकर
सभी लोग बीच सड़क पर ही यूं गड़े हैं

अब तो वहाॅं पर बस सभी को इंतजार है
कोई भी संकट मोचन कहीं से आए
बिल्ली द्वारा खींची लक्ष्मण रेखा को
पार कर निर्भय होकर आगे बढ़ते जाए

बिल्ली भी अब अपनी असली ताकत को
पूरी अच्छी तरह से समझने लगी है
मनुष्य जाति को भी तंग करने की
एक नई उमंग अब उसमें जगी है

सबसे छुपकर सड़क के किनारे ही वह
पैरों को दबा कर चुपचाप रहती है खड़ी
किसी को आते देखते तेजी से सड़क को
पार कर घुमा देती है अपनी जादुई छड़ी

अभी भी हम इसे अंधविश्वास ही कहें या
इसे सच साबित करने को नई कहानी गढ़ें
या फिर बिना कुछ विचार किये ही हम
इसी सोच को साथ लेकर और आगे बढ़ें

है कोई जीता जागता प्रमाण कहीं जो
बिल्ली को कटघरे में खड़ा करते रहें
नहीं तो क्यों निरीह प्राणी के मन में हम
हर हमेशा ही निराशा का भाव भरते रहें

पारस नाथ झा
अररिया, बिहार

Language: Hindi
128 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Paras Nath Jha
View all
You may also like:
तन्हाई में अपनी
तन्हाई में अपनी
हिमांशु Kulshrestha
क्या मथुरा क्या काशी जब मन में हो उदासी ?
क्या मथुरा क्या काशी जब मन में हो उदासी ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
जून की दोपहर
जून की दोपहर
Kanchan Khanna
"ऐसा मंजर होगा"
पंकज कुमार कर्ण
★गहने ★
★गहने ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
खिड़कियाँ -- कुछ खुलीं हैं अब भी - कुछ बरसों से बंद हैं
खिड़कियाँ -- कुछ खुलीं हैं अब भी - कुछ बरसों से बंद हैं
Atul "Krishn"
#लघुकविता
#लघुकविता
*Author प्रणय प्रभात*
भारत के लाल को भारत रत्न
भारत के लाल को भारत रत्न
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कुंडलिया छंद
कुंडलिया छंद
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
2640.पूर्णिका
2640.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
विजयी
विजयी
Raju Gajbhiye
कैसा फसाना है
कैसा फसाना है
Dinesh Kumar Gangwar
किसी की किस्मत संवार के देखो
किसी की किस्मत संवार के देखो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
दुनिया में सब ही की तरह
दुनिया में सब ही की तरह
डी. के. निवातिया
*नारियों को आजकल, खुद से कमाना आ गया (हिंदी गजल/ गीतिका)*
*नारियों को आजकल, खुद से कमाना आ गया (हिंदी गजल/ गीतिका)*
Ravi Prakash
मसला
मसला
Dr. Kishan tandon kranti
6) “जय श्री राम”
6) “जय श्री राम”
Sapna Arora
*****हॄदय में राम*****
*****हॄदय में राम*****
Kavita Chouhan
" क़ैदी विचाराधीन हूँ "
Chunnu Lal Gupta
#लाश_पर_अभिलाष_की_बंसी_सुखद_कैसे_बजाएं?
#लाश_पर_अभिलाष_की_बंसी_सुखद_कैसे_बजाएं?
संजीव शुक्ल 'सचिन'
बुंदेली हास्य मुकरियां -राना लिधौरी
बुंदेली हास्य मुकरियां -राना लिधौरी
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
🥀 *✍अज्ञानी की*🥀
🥀 *✍अज्ञानी की*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
धारा ३७० हटाकर कश्मीर से ,
धारा ३७० हटाकर कश्मीर से ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
"YOU ARE GOOD" से शुरू हुई मोहब्बत "YOU
nagarsumit326
10. जिंदगी से इश्क कर
10. जिंदगी से इश्क कर
Rajeev Dutta
Apne man ki bhawnao ko , shabdo ke madhyam se , kalpanikta k
Apne man ki bhawnao ko , shabdo ke madhyam se , kalpanikta k
Sakshi Tripathi
आवाजें
आवाजें
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
* हिन्दी को ही *
* हिन्दी को ही *
surenderpal vaidya
नववर्ष
नववर्ष
Mukesh Kumar Sonkar
हे ईश्वर किसी की इतनी भी परीक्षा न लें
हे ईश्वर किसी की इतनी भी परीक्षा न लें
Gouri tiwari
Loading...