Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jul 2016 · 1 min read

बारिश….

गज़ल

ग़मों का बोझ बढ़ाने को आ गई बारिश ,
हमारी जान जलाने को आ गई बारिश ।

किसी की याद को हमनें भुला के रखा था,
उसी की याद दिलाने को आ गई बारिश ।

जमीं को जितने अजब ज़ख्म दे गया सूरज,
उन्हीं की टीस बढ़ाने को आ गई बारिश ।

किताबे दिल पे तेरा नाम था लिखा हमनें ,
उसी के हर्फ़ मिटाने को आ गई बारिश ।

अभी तो “आरसी” आँखों में थी नमी बाकी ,
दुबारा आँख भिगाने को आ गई बारिश ।

– आर० सी० शर्मा “आरसी”

1 Comment · 299 Views
You may also like:
बाल कविता हिन्दी वर्णमाला
Ram Krishan Rastogi
उड़ता बॉलीवुड
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
गुरु
Mamta Rani
प्यार
विशाल शुक्ल
अविश्वास की बेड़ियां
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
इश्क
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
शायरी
श्याम सिंह बिष्ट
तुम हो मेरे लिए जिंदगी की तरह
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
Inspiration - a poem
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
यह तो हालात है
Dr fauzia Naseem shad
क्या रह गया है अब शेष जो
gurudeenverma198
जानती हूँ मैं की हर बार तुझे लौट कर आना...
Manisha Manjari
कबीर की ललकार
Shekhar Chandra Mitra
■ #ग़ज़ल / अक़्सर बनाता हूँ....!
*Author प्रणय प्रभात*
किसी का जला मकान है।
Taj Mohammad
हमदर्द हो जो सबका मददगार चाहिए।
सत्य कुमार प्रेमी
जिन्दगी से शिकायत न रही
Anamika Singh
" स्वतंत्रता क्रांति के सिंह पुरुष पंडित दशरथ झा "
DrLakshman Jha Parimal
💐संसारस्य संयोगः अनित्य: वियोगः नित्य:💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
माँ की वंदना
Buddha Prakash
कक्षा नवम् की शुरुआत
Nishant prakhar
तेरे रूप अनेक हैं मैया - देवी गीत
Ashish Kumar
YOG KIJIYE SWASTHY LIJIYE
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*मृत्यु (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
लाज-लेहाज
Anil Jha
स्वाद
Santosh Shrivastava
बरसात की रात
Kaur Surinder
हाथ मलना चाहिए था gazal by Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
अँगना में कोसिया भरावेली
संजीव शुक्ल 'सचिन'
बालिका दिवस
Satish Srijan
Loading...