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13 Feb 2024 · 1 min read

बारिश की बूंदे

बारिश आयी रिमझिम करती
चारों ओर हरियाली छायीं
खेत खलियान थे जब रूखे-सूखे
खेत हुए हरे-भरे फसल से
जब बारिश की बूंद गिरी

नेहरें चले और नदियां चले
मानव सुखी और जानवर सुखी
बारिश से सारा जग सुखी
जब बारिश की बूंद गिरी

किसानों को मिली सिंचाई की सुविधा
बारिश से जब फसल लहराई
किसान हुए बारिश से प्रफुल्लित
जब बारिश की बूंद गिरी

पेड़ पौधों की डालियाँ हिली
बारिश की ठंडी लहरें चली
तब ठंडी का अनुभूत हुआ
जब बारिश की बूंद गिरी

प्रकृति में नया उजाला छाया
मौसम का अहसास हुआ तब
धरती जगमगाए हरियाली से
जब बारिश की बूंद गिरी

जाग उठे जंगल से पंछी
अपने शोहरत के शिखर से
उड़ान भरी अतिशय प्यारी
जब बारिश की बूंद गिरी

~ प्रवीण सैन नवापुरा ध्वेचा
बागोड़ा (जालोर)

Praveen sain navapura

Language: Hindi
87 Views
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