Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-98💐

बहुत तसल्ली दी बहुत इलाज़ किया,
हेल्थइंस्योरेन्स के साथ प्यार किया।।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
1 Like · 36 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
“ प्रिय ! तुम पास आओ ”
“ प्रिय ! तुम पास आओ ”
DrLakshman Jha Parimal
इतना तो आना चाहिए
इतना तो आना चाहिए
Anil Mishra Prahari
ऐसा क्यों होता है
ऐसा क्यों होता है
रोहताश वर्मा मुसाफिर
भूखे भेड़िये हैं वो,
भूखे भेड़िये हैं वो,
Maroof aalam
क्या हुआ , क्या हो रहा है और क्या होगा
क्या हुआ , क्या हो रहा है और क्या होगा
कृष्ण मलिक अम्बाला
आदमी चिकना घड़ा है...
आदमी चिकना घड़ा है...
डॉ.सीमा अग्रवाल
ठोकरे इतनी खाई है हमने,
ठोकरे इतनी खाई है हमने,
कवि दीपक बवेजा
मिल ही जाते हैं
मिल ही जाते हैं
Surinder blackpen
कबीर का पैगाम
कबीर का पैगाम
Shekhar Chandra Mitra
नीति अनैतिकता को देखा तो,
नीति अनैतिकता को देखा तो,
Er.Navaneet R Shandily
अभी भी शुक्रिया साँसों का, चलता सिलसिला मालिक (मुक्तक)
अभी भी शुक्रिया साँसों का, चलता सिलसिला मालिक (मुक्तक)
Ravi Prakash
जंगल की सैर
जंगल की सैर
जगदीश लववंशी
जो समाज की बनाई व्यस्था पे जितना खरा उतरता है वो उतना ही सम्
जो समाज की बनाई व्यस्था पे जितना खरा उतरता है वो उतना ही सम्
Utkarsh Dubey “Kokil”
💐अज्ञात के प्रति-145💐
💐अज्ञात के प्रति-145💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
तरुण वह जो भाल पर लिख दे विजय।
तरुण वह जो भाल पर लिख दे विजय।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
सिर्फ तुम्हारे खातिर
सिर्फ तुम्हारे खातिर
gurudeenverma198
छह घण्टे भी पढ़ नहीं,
छह घण्टे भी पढ़ नहीं,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
ज़िंदगी भी समझ में
ज़िंदगी भी समझ में
Dr fauzia Naseem shad
बालगीत - सर्दी आई
बालगीत - सर्दी आई
Kanchan Khanna
Who is whose best friend
Who is whose best friend
Ankita Patel
मन बैठ मेरे पास पल भर,शांति से विश्राम कर
मन बैठ मेरे पास पल भर,शांति से विश्राम कर
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कितनी खास हो तुम
कितनी खास हो तुम
आकांक्षा राय
दोहा-
दोहा-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
गौमाता की व्यथा
गौमाता की व्यथा
Shyam Sundar Subramanian
प्राणवल्लभा
प्राणवल्लभा
अभिषेक पाण्डेय ‘अभि ’
मत फेर मुँह
मत फेर मुँह
Dr. Kishan tandon kranti
सफ़र से पार पाना चाहता हूँ।
सफ़र से पार पाना चाहता हूँ।
*Author प्रणय प्रभात*
कुछ नहीं.......!
कुछ नहीं.......!
विमला महरिया मौज
कहानी। सेवानिवृति
कहानी। सेवानिवृति
मधुसूदन गौतम
Loading...