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19 Feb 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-180💐

बड़े निर्लज्ज हो!इन अश्रुओं का कोई फल नहीं निकला।हे मधुर!यहाँ न मिले तो कहीं नहीं मिलेंगे।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
69 Views
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