Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Aug 2023 · 1 min read

फितरत जग एक आईना

फितरत जग एक आईना

❤️😺🙊✍️🐯🐀🐴

फितरत का जन-जन में बास
बनती जीव जगत की आस

मन मानस के दिल मंदिर में
उषा निशा मे विचरण करता

चलता व चलाता जग फितरत
विविध मनों के भावो में रह कर

भाव विभोर करता यह फितरत
जनवाणी का आधार है फितरत

जब दहाड़ मारता है फितरत तब
दुश्मन घबरा घुटने टेक देता है

ऋषि मुनि सन्यासी औघड़ बाबा
ब्रह्मचारी योगी कर्मवीर हठयोगी

कर्महीन है अपनी ही फितरत से
गुरु शिष्य नेताअभिनेत भी जग

प्राणों में नव उमंग उत्साह देकर
दशा दिशा निर्देशन से नव देश

भारत माता का वीर सपूत को
दिल दिमाग मे बैठ फितरत ही

मान सम्मान अभिमान दिला जग
में एक आइना छोड़ जाता

जन जन के मन का ये फितरत
फितरत वेग तीव्र प्रकाश पुंज से

जहां जाता ना रवि वहां फितरत
से ही बन पहुंच जाता मन कवि

निराकार प्रकार सहित कल्पना
आशातीत चंचल मन मौजी एक

फौजी ज्ञानी अभिमानी घमण्डी
करुणा प्रेम प्यार घृणा अवहेलना

कर्मयोग से सिंहासन पर पहुॅचा
मान सम्मान दिलाता है फितरत

छीन सिंहासन जनता बीच भी
अपमानित कर देता ये फितरत

पहचान जन गण मन तन के
फितरत जो कर्महीन से कर्मवीर

बना जगत को एकआईना दिखा
राहगीर का सुगम राह बना कर

सुहाना सफ़र देता ये फितरत ॥

🌿🌿🌷🌷🌷🌿🌿🙏

तारकेश्‍वर प्रसाद तरूण

Language: Hindi
2 Likes · 280 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
View all
You may also like:
रक्षाबंधन का त्योहार
रक्षाबंधन का त्योहार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मुश्किल है कितना
मुश्किल है कितना
Swami Ganganiya
मैं चाँद को तोड़ कर लाने से रहा,
मैं चाँद को तोड़ कर लाने से रहा,
Vishal babu (vishu)
पतझड़ की कैद में हूं जरा मौसम बदलने दो
पतझड़ की कैद में हूं जरा मौसम बदलने दो
Ram Krishan Rastogi
आदमी हैं जी
आदमी हैं जी
Neeraj Agarwal
राज नहीं राजनीति हो अपना 🇮🇳
राज नहीं राजनीति हो अपना 🇮🇳
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
जब असहिष्णुता सर पे चोट करती है ,मंहगाईयाँ सर चढ़ के जब तांडव
जब असहिष्णुता सर पे चोट करती है ,मंहगाईयाँ सर चढ़ के जब तांडव
DrLakshman Jha Parimal
Tumhari sasti sadak ki mohtaz nhi mai,
Tumhari sasti sadak ki mohtaz nhi mai,
Sakshi Tripathi
#शेर-
#शेर-
*Author प्रणय प्रभात*
पढ़ने को आतुर है,
पढ़ने को आतुर है,
Mahender Singh
हम यह सोच रहे हैं, मोहब्बत किससे यहाँ हम करें
हम यह सोच रहे हैं, मोहब्बत किससे यहाँ हम करें
gurudeenverma198
"" *वाङमयं तप उच्यते* '"
सुनीलानंद महंत
बच्चे पढ़े-लिखे आज के , माँग रहे रोजगार ।
बच्चे पढ़े-लिखे आज के , माँग रहे रोजगार ।
Anil chobisa
शुद्धता का नया पाठ / MUSAFIR BAITHA
शुद्धता का नया पाठ / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
You're going to realize one day :
You're going to realize one day :
पूर्वार्थ
2429.पूर्णिका
2429.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
स्वाभिमान
स्वाभिमान
अखिलेश 'अखिल'
दोहा पंचक. . . .इश्क
दोहा पंचक. . . .इश्क
sushil sarna
तुम हासिल ही हो जाओ
तुम हासिल ही हो जाओ
हिमांशु Kulshrestha
तस्वीर!
तस्वीर!
कविता झा ‘गीत’
विपक्ष से सवाल
विपक्ष से सवाल
Shekhar Chandra Mitra
दोहा -
दोहा -
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
एक अलग ही खुशी थी
एक अलग ही खुशी थी
Ankita Patel
शहर की बस्तियों में घोर सन्नाटा होता है,
शहर की बस्तियों में घोर सन्नाटा होता है,
Abhishek Soni
जून की दोपहर (कविता)
जून की दोपहर (कविता)
Kanchan Khanna
हाजीपुर
हाजीपुर
Hajipur
*तंजीम*
*तंजीम*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
महादेव
महादेव
C.K. Soni
जो  रहते हैं  पर्दा डाले
जो रहते हैं पर्दा डाले
Dr Archana Gupta
*तपसी वेश सिया का पाया (कुछ चौपाइयॉं)*
*तपसी वेश सिया का पाया (कुछ चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
Loading...