Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jul 2023 · 1 min read

फितरत के रंग

फितरत के हैं रंग कई,
कुछ गाढ़े कुछ फीके।
ये तो साथ जनम से है,
इसको कोई न सीखे।

भीतर मन के घुसी हुई,
फितरत की ये काया।
कोई समझ न पाया है,
फितरत की ये माया।

चाह कर भी बदल न पाए,
फितरत का चोगा जो पहना।
फितरत तेरी आँख का आंसू,
फितरत ही तेरा गहना।

कोई सत्य अहिंसा का पुजारी,
कोई छेड़ता हर बात पे जंग।
कोई दोगला समझ न आये,
फितरत के हैं कैसे रंग।

युधिष्ठिर की फितरत थी अलग,
अलग फितरत का था शकुनी।
दुर्योधन का नाम ही काफी,
था कर्ण फितरत का धनी।

किसी के दिल में प्यार है बसता,
किसी के दिल में नफरत।
हर कोई एक अनोखा है,
सबकी अपनी अपनी फितरत।

6 Likes · 2 Comments · 173 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from प्रदीप कुमार गुप्ता
View all
You may also like:
सब की नकल की जा सकती है,
सब की नकल की जा सकती है,
Shubham Pandey (S P)
सब कुछ हमारा हमी को पता है
सब कुछ हमारा हमी को पता है
सिद्धार्थ गोरखपुरी
वहशीपन का शिकार होती मानवता
वहशीपन का शिकार होती मानवता
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
चंद अशआर -ग़ज़ल
चंद अशआर -ग़ज़ल
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
राहतों की हो गयी है मुश्किलों से दोस्ती,
राहतों की हो गयी है मुश्किलों से दोस्ती,
Abhishek Shrivastava "Shivaji"
“Your work is going to fill a large part of your life, and t
“Your work is going to fill a large part of your life, and t
पूर्वार्थ
अकेला गया था मैं
अकेला गया था मैं
Surinder blackpen
‌everytime I see you I get the adrenaline rush of romance an
‌everytime I see you I get the adrenaline rush of romance an
Sukoon
इश्क़ और इंक़लाब
इश्क़ और इंक़लाब
Shekhar Chandra Mitra
राधा
राधा
Mamta Rani
ऐसा बेजान था रिश्ता कि साँस लेता रहा
ऐसा बेजान था रिश्ता कि साँस लेता रहा
Shweta Soni
वृंदा तुलसी पेड़ स्वरूपा
वृंदा तुलसी पेड़ स्वरूपा
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
तेरे इश्क़ में
तेरे इश्क़ में
Gouri tiwari
महिमा है सतनाम की
महिमा है सतनाम की
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
2412.पूर्णिका
2412.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
Dr Arun Kumar Shastri
Dr Arun Kumar Shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
भगवान
भगवान
Anil chobisa
मेरी ज़िंदगी की खुशियां
मेरी ज़िंदगी की खुशियां
Dr fauzia Naseem shad
हंसने के फायदे
हंसने के फायदे
Manoj Kushwaha PS
पाती कोई जब लिखता है।
पाती कोई जब लिखता है।
डॉक्टर रागिनी
सिंहासन पावन करो, लम्बोदर भगवान ।
सिंहासन पावन करो, लम्बोदर भगवान ।
जगदीश शर्मा सहज
त्योहार
त्योहार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आलाप
आलाप
Punam Pande
😊आज का दोहा😊
😊आज का दोहा😊
*Author प्रणय प्रभात*
पिता के पदचिह्न (कविता)
पिता के पदचिह्न (कविता)
दुष्यन्त 'बाबा'
हम कहाँ जा रहे हैं...
हम कहाँ जा रहे हैं...
Radhakishan R. Mundhra
हिन्दी पर नाज है !
हिन्दी पर नाज है !
Om Prakash Nautiyal
कहमुकरी
कहमुकरी
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
"परीक्षा के भूत "
Yogendra Chaturwedi
जबसे तुमसे लौ लगी, आए जगत न रास।
जबसे तुमसे लौ लगी, आए जगत न रास।
डॉ.सीमा अग्रवाल
Loading...